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February 18, 2026

ब्रजेश पाठक के चोटी विवाद पर शिवपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इस्तीफे की सलाह दी है

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के चोटी विवाद पर दिए गए बयान पर विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भी पाप का एहसास होगा क्योंकि वह उसी मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। यह विवाद तब चर्चा में आया जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच टकराव जारी है। इस विवाद में बटुकों की चोटी खींचने की बात ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

शिवपाल का तीखा वार

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि ब्रजेश पाठक को अगर इतनी चिंता है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ब्रजेश पाठक को यह महापाप लगता है, तो उन्हें उन लोगों के साथ खड़ा नहीं होना चाहिए जिन्होंने बटुकों की चोटी खींचने का काम किया। शिवपाल ने यह भी कहा कि यह अपमानसी स्थिति मंत्रिमंडल में मौजूद रहने का नतीजा है।

बटुकों का मामला: ब्रजेश पाठक का बयान

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक न्यूज एजेंसी को दिए अपने बयान में कहा था कि बटुकों की चोटी खींचना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने इसे ‘महापाप’ करार देते हुए कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पाठक का कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज में सही संदेश नहीं देतीं और इन पर कड़ा रोक लगाने की आवश्यकता है।

केशव मौर्य भी पीछे नहीं रहे

इस विवाद पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपनी राय व्यक्त की थी। उन्होंने इस घटना को गलत बताया और शिवपाल यादव के साथ ही शंकराचार्य से माफी मांगी। मौर्य ने कहा कि प्रयागराज प्रशासन से गलती हुई है और वह इस मामले में कार्रवाई के लिए तैयार हैं। यह बयान सत्ता पक्ष की ओर से आए कई नेताओं में से एक है, जिन्होंने इस घटना की निंदा की है।

सीएम योगी का कड़ा रुख

इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपना कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बिना नाम लिए शंकराचार्य पर कई बार निशाना साधा है। बजट सत्र के दौरान भी उन्होंने इस विवाद को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी। इससे पहले शंकराचार्य ने सीएम योगी की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए थे, और इससे यह साफ है कि इस विवाद की पृष्ठभूमि में तकरार और गहरा सकती है।

भविष्य में विवाद की संभावना

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह विवाद केवल शुरुआत है और इसे सुलझाने में समय लग सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि मुख्यमंत्री और शंकराचार्य के बीच की यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और भी तूल पकड़ सकती है। महापाप और पाप के आरोपों ने इस बातचीत को और गर्म कर दिया है।

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