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February 24, 2026

Pocso केस में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद घिरे, साजिश का दावा, कोर्ट से FIR का आदेश

The CSR Journal Magazine
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो एक्ट के तहत यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि यह एक साजिश है। अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष महाराज पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक परिवार को पैसे का लालच देकर उनकी नाबालिग बेटी से झूठे आरोप लगवाने के लिए कहा। ये गंभीर आरोप ऐसे समय में लगे हैं जब शंकराचार्य का नाम चर्चाओं में है।

आरोपों का आधार

अविमुक्तेश्वरानंद के मुताबिक, सहारनपुर से एक परिवार उनके पास आया। इस परिवार के सदस्य ने बताया कि आशुतोष महाराज ने उनसे कहा कि उनकी नाबालिग बेटी है, जिसके नाम से वे शंकराचार्य पर आरोप लगा दें। इसके बदले में उन्हें शादी के लिए काफी धन दिया जाएगा और किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। एक पीड़ित ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने उन्हें फंसाने का प्रयास किया।

प्रयागराज की पुलिस की भूमिका

आरोप यह भी है कि आशुतोष महाराज ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को शिकायतों पर कार्रवाई न करने के लिए मनाने की कोशिश की। उनकी शिकायत में कहा गया है कि प्रयागराज में 2025-26 के माघ मेले के दौरान दो नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया। इसमें कहा गया है कि बाबा की धार्मिक सेवा और शिष्यत्व की आड़ में यह सब किया गया। पीड़ितों ने जब मामले की जानकारी दी, तब ही याचिकाकर्ता की संलग्नता सामने आई।

एफआईआर का आदेश

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की विशेष पीओसीएसओ अदालत ने झूंसी पुलिस स्टेशन के एसएचओ को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लड़कों के यौन शोषण के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता ने बीएनएस की धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109 के तहत भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया।

आगे की प्रक्रिया

अब इस मामले में जांच का रास्ता खुल गया है और पुलिस को अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ तथ्यों को सामने लाने के लिए जुटना होगा। आरोपों के बाद यह देखना होगा कि क्या जांच में कोई ठोस साक्ष्य मिलते हैं या यह मामला वहीं खत्म हो जाता है। विशेष अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस घटना के बाद से समाज में चर्चा का माहौल है और लोग इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

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