सिवान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, जहां पूरा देश आज़ादी के मतवालों के बलिदान को याद कर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं भगवानपुर हाट प्रखंड के दक्षिणी साघर सुल्तानपुर पंचायत के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरसैयां हिंदी में एक शिक्षक द्वारा स्कूली बच्चों से ‘जिन्ना जय’ के नारे लगवाए जा रहे थे। इस शर्मनाक करतूत का वीडियो वायरल होने के बाद इलाके के लोग काफी आक्रोशित हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिवान में ‘राष्ट्र-अपमान’ करने वाले शिक्षक पर लोग राष्ट्रद्रोही होने का आरोप लगा रहे है। देशभक्ति के दिन पाकिस्तानी नेता का नारा लगाने से भारत शर्मशार हुआ है। आक्रोशित जनता आरोपी शिक्षक के गिरफ्तारी की मांग कर रही है।
जांच के आदेश और राजनीतिक दलों का विरोध
यह घटना भगवानपुर हाट प्रखंड के दक्षिणी साघर सुल्तानपुर पंचायत के सरसैयां हिंदी राजकीय प्राथमिक विद्यालय की है। विद्यालय के प्रधान शिक्षक बृजेंद्र द्विवेदी ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा है कि उन्होंने आरोपी शिक्षक को कड़ी फटकार लगाई है। घटना की जानकारी मिलते ही, बीडीओ कुमार विशाल ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक शमीम अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
सिवान में ‘राष्ट्रद्रोह’ का मामला: जिन्ना के नारे लगवाने वाले शिक्षक पर भड़की जनता, गिरफ्तारी की मांग
इस घटना पर हिंदू वाहिनी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा जैसे संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। भाजपा के पूर्वी जिला महामंत्री अवधेश कुमार पांडेय ने इसे राष्ट्र-विरोधी कार्य बताया है और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मामला चलाने और नौकरी से निकालने की मांग की है।
शिक्षक की शर्मनाक करतूत से सिवान में आक्रोश: ‘भारत का खाकर राष्ट्र-विरोधी कार्य’ में लगे कुछ लोग
यह घटना दिखाती है कि कुछ लोग भारत का खाकर भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, फिलहाल, स्वतंत्रता दिवस के बाद स्कूल में तीन दिन की छुट्टी थी, लेकिन विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद है कि स्कूल खुलने के बाद इस मामले में और भी खुलासे होंगे।
शिक्षक की शर्मनाक करतूत से सिवान में आक्रोश: ‘भारत का खाकर राष्ट्र-विरोधी कार्य’ में लगे कुछ लोग
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या कुछ लोग भारत में रहकर भी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।
बड़ा सवाल
स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन अवसर पर विद्यालय में बच्चों से इस तरह के नारे लगवाना केवल एक शिक्षक की लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति गंभीर अपराध है। सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग और सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएंगे ?
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