मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्वामित्व योजना के काम को लेकर प्रशासन और पटवारियों के बीच विवाद के बीच कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त कार्रवाई की है। योजना के काम में विरोध और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोपों के बाद 12 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी योजनाओं के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वामित्व योजना के काम को लेकर विवाद
सागर जिले में स्वामित्व योजना के कार्य को लेकर पटवारियों के विरोध की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि स्वामित्व योजना के साथ हितग्राही मूलक योजनाओं को लागू करने में राजस्व अमले का सहयोग जरूरी है। इन कामों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबन और नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों का पक्ष और उनके जवाब सामने आने के बाद मामले की पूरी स्थिति और स्पष्ट होगी।
MP Svamitva Yojana इन 12 पटवारियों पर हुई कार्रवाई
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सागर जिले की अलग-अलग तहसीलों में पदस्थ 12 पटवारियों को निलंबित किया गया है। इनमें शामिल हैं:
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सागर ग्रामीण तहसील: मीना खैरवार और लक्ष्मी जाटव
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गढ़ाकोटा तहसील: अखिलेश दीक्षित
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केसली तहसील: राजकुमार गौड़ और परिवीक्षाधीन पटवारी भूपेंद्र राज
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खुरई तहसील: अजय श्रीवास्तव और गोविंद राय
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मालथौन तहसील: पुष्पेंद्र भदौरिया और महेंद्र अर्गल
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बांदरी तहसील: परिवीक्षाधीन पटवारी योगेंद्र प्रताप
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बंडा तहसील: दिलीप राजा और अभिषेक कोरी

