राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए 5,000 नए शहरी होमगार्ड्स की भर्ती, साइबर अपराध से निपटने को R4C सेंटर की स्थापना और चार नई सेंट्रल जेलों के निर्माण जैसी अहम घोषणाएं की हैं। वहीं विपक्ष ने बजट को नीरस और दिशाहीन बताया है।

बेरोजगार युवाओं के लिए मौका 5,000 होमगार्ड्स की भर्ती

भजनलाल सरकार ने शहरी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 5,000 नए शहरी होमगार्ड वॉलंटियर्स की भर्ती का ऐलान किया है। इस कदम से पुलिस बल को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा और शहरों में कानून-व्यवस्था पर पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो गया है। यह भर्ती राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर भी साबित होगी। होमगार्ड्स ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और विशेष सुरक्षा ड्यूटी में पुलिस का सहयोग करेंगे।

साइबर अपराध पर सख्ती बनेगा R4C सेंटर

बजट में बढ़ते साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए R4C (राजस्थान रैपिड रिस्पांस फॉर साइबर क्राइम) सेंटर की स्थापना की घोषणा की गई है। यह सेंटर साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करेगा। सरकार का कहना है कि डिजिटल युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है। ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी कॉल और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत हस्तक्षेप के लिए तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। R4C में साइबर विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का समन्वय रहेगा, जिससे मामलों का त्वरित निस्तारण संभव होगा।

ACB का रिवॉल्विंग फंड बढ़ा, भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के रिवॉल्विंग फंड को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अतिरिक्त राशि से ट्रैप कार्रवाई और जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। सरकार का दावा है कि इस कदम से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी। ACB को अधिक संसाधन मिलने से भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी और सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी।

चार शहरों में नई सेंट्रल जेलें, 1,200 करोड़ होंगे खर्च

प्रदेश की बढ़ती आबादी और जेलों में बंदियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए जयपुर, जोधपुर, अलवर और उदयपुर में अत्याधुनिक सेंट्रल जेलों के निर्माण की घोषणा की गई है। इन परियोजनाओं पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई जेलों में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुधारात्मक गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सुरक्षा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि बंदियों के पुनर्वास और सुधार पर भी ध्यान देना है।

विपक्ष का हमला ‘नीरस और दिशाहीन बजट’

राजस्थान विधानसभा में बजट पेश होने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरते हुए इसे ‘नीरस, दिशाहीन और जनता को गुमराह करने वाला’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट की 70-75 प्रतिशत घोषणाएं रूटीन प्रकृति की हैं और उनके लिए स्पष्ट वित्तीय प्रावधान नहीं किए गए हैं।
जूली ने जल जीवन मिशन के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकांश कनेक्शन पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में दिए गए थे। शिक्षा क्षेत्र में 41 हजार से अधिक जर्जर स्कूलों के मुकाबले केवल 2,500 स्कूलों की मरम्मत का प्रावधान अपर्याप्त बताया। स्वास्थ्य क्षेत्र में चिरंजीवी योजना के भुगतान लंबित होने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कर्ज का स्तर एफआरबीएम सीमा के करीब पहुंच चुका है। विपक्ष ने सरकार से घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए ठोस वित्तीय रोडमैप पेश करने की मांग की है।

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