भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में साफ-सफाई, लिनेन सेवा और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय रेलवे के तहत रेलवे बोर्ड ने नई ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत अब ट्रेनों की सफाई, चादर-कंबल, कोच सुविधाएं और निगरानी व्यवस्था एक ही एजेंसी के जिम्मे होगी। इससे जवाबदेही तय होगी और सेवाओं में एकरूपता आएगी।
AI करेगा निगरानी, हर काम होगा रिकॉर्ड
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत है AI आधारित निगरानी प्रणाली। सफाईकर्मियों को अपने काम की जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो मोबाइल एप पर अपलोड करनी होगी। यानी कब, कहां और कैसे सफाई हुई – हर चीज डिजिटल रिकॉर्ड में होगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लापरवाही की कोई गुंजाइश भी नहीं बचेगी।
रायबरेली से होगी शुरुआत, वंदे भारत भी शामिल
यह नई व्यवस्था पहले चरण में हर रेलवे जोन की पांच चुनिंदा ट्रेनों में लागू की जाएगी। उत्तर-मध्य रेलवे क्षेत्र में रायबरेली सेंट्रल और ऊंचाहार जैसे स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में यह प्रणाली शुरू होगी। इसमें हाई-प्रोफाइल ट्रेनें जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल होंगी। यह बदलाव यात्रियों के अनुभव को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।
सफाई का नया शेड्यूल: हर घंटे नजर
नई OBHS नीति में सफाई के लिए सख्त और स्पष्ट शेड्यूल तय किया गया है।
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शौचालयों की सफाई सुबह 6 से 9 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच हर घंटे होगी।
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बाकी समय में हर दो घंटे पर सफाई अनिवार्य होगी। इससे ट्रेनों में गंदगी और बदबू जैसी शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

