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March 11, 2026

CBSE 12वीं के मैथ्स पेपर में डांस वीडियो का QR कोड

The CSR Journal Magazine
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने आज स्पष्ट किया कि 12वीं कक्षा के मैथ्स पेपर की सुरक्षा को लेकर कोई चिंताएँ नहीं हैं। सोमवार, 9 मार्च को हुई परीक्षा में एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों के सामने एक अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई थी। पेपर के पहले पन्ने पर मौजूद QR कोड को स्कैन करने पर डांस का मजेदार वीडियो चलने लगा। दरअसल, स्कैन करते ही छात्रों के सामने यू-ट्यूब लिंक खुल रहा था, जिसमें 1987 का मशहूर गाना ‘नेवर गोना गिव यू अप’ का वीडियो दिख रहा था। इस घटना के चलते कई छात्रों ने समझा कि पेपर लीक हुआ है और सोशल मीडिया पर इस विषय में चर्चा बढ़ गई।

बोर्ड ने किया स्थिति का स्पष्टीकरण

CBSE की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है जिसमें यह बताया गया है कि सभी प्रश्न पत्र असली हैं और परीक्षा की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया गया। बोर्ड का कहना है कि QR कोड और अन्य सुरक्षा फीचर्स पेपर की वास्तविकता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। उनकी जांच करने पर पता चला कि कुछ सेटों में तकनीकी कारणों से QR कोड यू-ट्यूब लिंक पर ‘रीडायरेक्ट’ हो गया। इस कारण से छात्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

CBSE ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। बोर्ड ने परीक्षा की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी किसी गड़बड़ी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

क्यों बनी चर्चा का विषय?

सोशल मीडिया पर बातचीत करने वाले छात्रों और व्यक्तियों ने इसे बोर्ड की लापरवाही माना, जिससे CBSE की छवि पर असर पड़ा। छात्रों ने कहा कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ऐसी तकनीकी चूक नहीं होनी चाहिए थी। यह घटना उस समय पर हुई जब छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे। ऐसे में CBSE का स्पष्टीकरण बेहद जरूरी था ताकि छात्रों को शांत किया जा सके।

क्या बनेगी नई प्रक्रिया?

CBSE अब इस बात पर ध्यान दे रहा है कि QR कोड कैसे बदल गया। बोर्ड का कहना है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए सभी फीचर्स की पूरी समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई प्रक्रियाएँ बनाई जा सकती हैं। ऐसे में छात्रों में किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

यही नहीं, इस घटना ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। छात्रों की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर चर्चा ने इसे एक वायरल घटना बना दिया है। इस प्रकार के तकनीकी मुद्दों को समझना और समाधान करना अब CBSE के लिए एक चुनौती बन गया है।

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