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February 15, 2026

पंजाब में युद्ध नशे विरुद्ध अभियान ने तस्करों को गिरफ्तार कर समाज में नई उम्मीद जागृत की है

The CSR Journal Magazine
पंजाब की धरती, जिसे एक समय नशे की महामारी ने जकड़ लिया था, आज उसी पर निर्णायक जवाब लिखा जा रहा है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने युद्ध नशे विरुद्ध अभियान की सराहना की है। उनका कहना है कि मान सरकार की नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने अपने इरादे को साबित कर दिया है। पंजाब में 1 मार्च 2025 से शुरू हुआ यह अभियान अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता की लड़ाई बन चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का स्पष्ट कहना है कि नशा बेचने वालों के लिए इस प्रदेश में कोई जगह नहीं है। एक साल की मेहनत ने यह दिखा दिया कि यह सच्ची प्रेरणा से भरा एक इरादा है।

नशा तस्करों की गिरफ्तारी की बढ़ती संख्या

फरवरी 2026 तक 49,436 नशा तस्करों की गिरफ्तारी, 34,000 से ज्यादा एफआईआर, हजारों किलो हेरोइन और अफीम की जब्ती, करोड़ों की ड्रग मनी फ्रीज – ये आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। 1,961 किलो हेरोइन, 607 किलो अफीम और 548 तस्करों की संपत्ति 263 करोड़ रुपये फ्रीज कर दी गई है। इस कार्रवाई का संदेश साफ है, अब नशे का धंधा घाटे का सौदा बन चुका है।

सीमा सुरक्षा में तकनीकी सुधार

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से आ रही खेपों को रोकने के लिए पंजाब की मान सरकार ने तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर में एंटी-ड्रोन सिस्टम तैयार किए हैं। सीमा पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि सरकार केवल बयानबाजी नहीं कर रही, बल्कि साइलेंट टेक्नोलॉजी और स्ट्रेटेजी से भी काम कर रही है।

आतंकवाद और गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रहार

इस मुहिम ने आतंकवाद और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी करारा वार किया है। साल 2025 में 12 आतंकी घटनाएं सुलझाई गईं और 50 मॉड्यूल सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इंटरनल सिक्योरिटी विंग ने 19 मॉड्यूल का पर्दाफाश कर भारी मात्रा में हथियार, RDX और ग्रेनेड बरामद किए हैं। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 416 मॉड्यूल को तोड़कर 992 गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे डाल दिया है।

राजनीतिक समर्थन और समाज की भागीदारी

इस मुहिम को राजनीतिक सीमाओं से परे समर्थन मिला है। पंजाब के राज्यपाल ने मान सरकार के अभियानों की तारीफ की है, जो कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। यह बताता है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। 1.5 लाख पिंड दे पहरेदार गांव-गांव में सक्रिय हैं और हजारों युवाओं को डी-एडिक्शन सेंटर्स तक पहुंचाया जा रहा है।

युवाओं में वापस लौट रहा है भरोसा

पंजाब अब डर के साये से बाहर निकल रहा है। तस्करों की हिम्मत टूट रही है, जबकि युवाओं में भरोसा लौट रहा है। परिवारों में नई उम्मीद जाग रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की आक्रामक और बेखौफ नेतृत्व शैली ने साबित कर दिया

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