प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को असम के डिब्रूगढ़-मोरन राष्ट्रीय राजमार्ग पर विकसित हाईवे-आधारित इमरजेंसी एयरस्ट्रिप पर उतरेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 30 से 40 मिनट तक आसमान में राफेल और सुखोई का खास प्रदर्शन देखने को मिलेगा। यह यात्रा मोदी जी का असम में पिछले 11 वर्षों में 38वां दौरा होगी।
किसी प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक कदम
यह पूर्वोत्तर भारत में एक अनोखा कार्यक्रम होगा, जब प्रधानमंत्री का विमान एयरपोर्ट के बजाय हाईवे पर बने आपात लैंडिंग स्ट्रिप पर उतरेगा। यह आयोजन न केवल क्षेत्र की रणनीतिक क्षमता को दर्शाएगा, बल्कि हाईवे-आधारित एयरस्ट्रिप की उपयोगिता को भी सामने लाएगा। इस यात्रा का उद्देश्य बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण संदेश देना है।
राफेल और सुखोई का विशेष एरियल डेमो
मोरन एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.2 किलोमीटर हिस्से पर विकसित की गई है। यह भारतीय वायुसेना की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो कि सैन्य और नागरिक दोनों तरह के विमानों के लिए तैयार की गई है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी की मौजूदगी में राफेल और सुखोई लड़ाकू विमानों का विशेष एरियल डेमो भी होगा।
दौरे की पूरी योजना
इस कार्यक्रम के दौरान फाइटर जेट्स हाईवे पर लैंडिंग और टेक-ऑफ का रोमांचक प्रदर्शन करेंगे, जो लगभग 30 से 40 मिनट तक चलेगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पीएम मोदी इस दौरान अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी करेंगे, जिसमें कुमार भास्कर वर्मा पुल का उद्घाटन, आईआईएम पालसबारी में कक्षाओं की शुरुआत और 100 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाना शामिल है। इससे न केवल परिवहन, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
पीएम मोदी के कार्यक्रम के बाद भाजपा का बूथ सम्मेलन भी होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा पर भी चर्चा की जा सकती है। यह आयोजन असम में राजनीतिक और सामाजिक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण होगा।