उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक व्यापारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस मामले में हिंदू महासभा की विवादित नेता पूजा शकुन पांडे का नाम सामने आया है, जो इस समय फरार हैं। पुलिस ने उनके पति अशोक पांडे और एक शूटर मोहम्मद फ़ज़ल को गिरफ्तार कर लिया है।
23 सितंबर को हुई हत्या, बाइक सवारों ने मारी गोली
मृतक की पहचान 30 वर्षीय अभिषेक गुप्ता के रूप में हुई है, जो अलीगढ़ में एक बाइक शोरूम के मालिक थे।
पुलिस के अनुसार, घटना 23 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे की है। अभिषेक अपने पिता नीरज गुप्ता और चचेरे भाई जीतू के साथ बस स्टैंड पर थे। जैसे ही बस आई, पिता और भाई उसमें सवार हो गए, लेकिन तभी दो अज्ञात बाइक सवार वहां पहुंचे और अभिषेक को गोली मार दी। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
FIR में पूजा शकुन पांडे और उनके पति पर गंभीर आरोप
पीड़ित के पिता नीरज गुप्ता ने थाने में दर्ज कराई एफआईआर में दावा किया है कि उनके बेटे का पूजा शकुन पांडे से संबंध था। आरोप है कि जब अभिषेक ने इस रिश्ते को खत्म करने की कोशिश की, तो पूजा और उसके पति ने उसे मरवाने की साजिश रच डाली।
3 लाख की सुपारी, एक लाख एडवांस में दिए गए
इस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी शूटर मोहम्मद फ़ज़ल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में फ़ज़ल ने बताया कि पूजा और अशोक ने उसे और उसके साथी आसिफ को ₹3 लाख की सुपारी दी थी। हत्या से पहले अभिषेक की रेकी (जासूसी) की गई और ₹1 लाख एडवांस के तौर पर दिए गए।
पुलिस ने आरोपी के पास से देशी तमंचा भी बरामद किया है।
पुलिस की कई टीमें तलाश में, पूजा अब भी फरार
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जाडौन ने बताया कि केस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली जा रही है।
अब तक अशोक पांडे और मोहम्मद फ़ज़ल गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि पूजा शकुन पांडे और दूसरा शूटर आसिफ अभी फरार हैं।
पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं।
पिता का गंभीर आरोप: ब्लैकमेल कर रही थी पूजा
अभिषेक के पिता का कहना है कि पूजा शकुन पांडे उनके बेटे से शादी करना चाहती थी और जब उसने दूरी बनानी शुरू की तो उसे धमकी दी। नीरज गुप्ता के अनुसार, “वो हमारे बेटे के बिजनेस में जबरन साझेदारी चाहती थी। एक दिन उसने मुझसे कहा – ‘तुम्हारा बेटा बहुत चालाक बन रहा है।’ उनका यह भी दावा है कि अभिषेक ने पूजा का नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिससे वह और भी नाराज़ हो गई थी।
हत्या, निजी रिश्ते और राजनीतिक रसूख का संगम
यह हत्याकांड सिर्फ आर्थिक विवाद का मामला नहीं लगता। पुलिस को निजी संबंधों और राजनीतिक रसूख के कई पहलुओं की जांच करनी पड़ रही है। अब सवाल ये है कि फरार चल रही पूजा शकुन पांडे को कब तक गिरफ़्तार किया जाएगा, और इस हाई-प्रोफाइल केस की सच्चाई क्या सामने आएगी?
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