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February 12, 2026

PM Modi का बड़ा कदम: 13 फरवरी को सेवातीर्थ और कर्तव्य भवन-1&2 का भव्य उद्घाटन

The CSR Journal Magazine
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को 1:30 बजे नया प्रधानमंत्री ऑफिस ‘सेवातीर्थ’ का अनावरण करेंगे। इसके बाद, शाम 6 बजे सेवातीर्थ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन होगा। इस अवसर पर पीएम मोदी एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। नई दिल्ली में साउथ ब्लॉक में यह पीएमओ का आखिरी दिन होगा। मोदी यहां केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसे शाम 4 बजे रखा गया है। इस बैठक का महत्व इसीलिए है क्योंकि यह ब्रिटिश काल के सेक्रेटेरिएट में आखिरी बैठक है, जिसे 20वीं सदी की शुरुआत में डिजाइन किया गया था।

पारंपरिक इमारतों का समापन

नॉर्थ-साउथ ब्लॉक से सभी मंत्रालयों का हटना एक महत्वपूर्ण बदलाव है। ये इमारतें देश की सत्ता का केंद्र रही हैं। कर्तव्य भवन-1 और 2 में अब केंद्र सरकार के मंत्रालयों के ऑफिस होंगे। पिछले महीने सेवातीर्थ का नामकरण किया गया, जबकि निर्माण के दौरान इसे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव कहा गया था। सेवातीर्थ का अर्थ “सेवा का स्थान” है, जो इस नए OFFICE के उद्देश्य को दर्शाता है।

सेंट्रल विस्टा परियोजना का विस्तार

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत अनेक महत्वपूर्ण इमारतों का निर्माण हो रहा है, जिसमें नया संसद भवन और उप-राष्ट्रपति एन्क्लेव पहले ही तैयार हो चुके हैं। इस परियोजना के तहत मंत्रालयों के लिए तीन नए भवन भी तैयार हो चुके हैं। सेवातीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल तीन इमारतें शामिल हैं: सेवातीर्थ-1 में पीएमओ, सेवातीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवातीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय शामिल हैं।

सेंट्रल विस्टा परियोजना का महत्व

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का लक्ष्य राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक की कई प्रमुख इमारतों का री-डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन करना है। सितंबर 2019 में इसकी घोषणा हुई थी, और 10 दिसंबर 2020 को पीएम मोदी ने इसका शिलान्यास किया था। पूरी परियोजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। कर्तव्य पथ के दोनों तरफ के क्षेत्रों को सेंट्रल विस्टा कहा जाता है।

गृह मंत्रालय का स्थानांतरण

इस वर्ष सितंबर में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का पता जल्द ही बदलने वाला है। गृह मंत्रालय अब जनपथ में बने कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) में शिफ्ट किया जाएगा। इसके अंतर्गत सभी मंत्रालयों के लिए कर्तव्य पथ पर दस ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण होना है। तीन बिल्डिंगें पहले ही बन चुकी हैं। इन दोनों ब्लॉकों को ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदलने की योजना बन रही है, जिसमें हजारों कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

सामाजिक दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि मंत्रालयों के लिए सरकार को 1500 करोड़ रुपये का रेंट चुकाना पड़ता है, जो कर्तव्य भवन के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का कारण है। मोदी का कहना है कि कर्तव्य भवन न केवल एक इमारत है, बल्कि यह करोड़ों लोगों के सपनों को साकार करने का माध्यम बनेगा। पिछले 100 वर्षों से गृह मंत्रालय इसी स्थान से कार्यरत रहा है, और अब बदलाव नए युग की शुरुआत करेगा।
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