अब हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय एयरपोर्ट पर सस्ता चाय-नाश्ता मिलने वाला है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने यह घोषणा की है कि सरकार का लक्ष्य यात्रियों को एयरपोर्ट पर किफायती और गुणवत्तापूर्ण खान-पान सेवा प्रदान करना है। वर्तमान में, देश के कुछ एयरपोर्ट पर यह व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन अब इसे सभी हवाईअड्डे पर लागू किया जाएगा।
‘उड़ान यात्रा कैफे’ से क्या होगा खास?
मंत्री ने बताया कि ‘उड़ान यात्रा कैफे’ का उद्घाटन इस साल के अंत तक हर एयरपोर्ट पर करने का योजना बन रहा है। हाल के दिनों में यात्री महंगे चाय-स्नैक्स के कारण असुविधा का सामना कर रहे हैं। कुछ एयरपोर्ट पर चाय के दाम 200 से 300 रुपये तक हो चुके थे। इस शिकायत को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय ने सस्ते दामों पर खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
किफायती दामों पर स्वादिष्ट नाश्ता
इस योजना की शुरुआत कोलकाता एयरपोर्ट से जनवरी 2024 में हुई थी। यहां यात्रियों को दस रुपये में चाय, बीस रुपये में कॉफी, और बीस रुपये में समोसा जैसी चीजें उपलब्ध हैं। इसके अलावा, पानी की बोतल और रसगुल्ला भी बेहद कम दामों पर मिल रहे हैं। यह न केवल यात्रियों के लिए राहत है, बल्कि एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने में मदद करेगा।
महिला कर्मचारियों के लिए अवसर
पुणे एयरपोर्ट पर खोले गए कैफे की विशेषता यह है कि इसमें सभी महिलाएं कार्यरत हैं। यह निर्णय न केवल नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि यात्री सेवा स्तर को भी ऊँचा उठाएगा। मंत्री ने बताया कि खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है और किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
पांच आइटम का चयन
‘उड़ान यात्रा कैफे’ में कुल पांच आइटम शामिल किए गए हैं। इनमें चाय, कॉफी, समोसा के साथ स्थानीय व्यंजन भी सम्मिलित होंगे। जैसे कोलकाता में रसगुल्ला और पुणे में वड़ा पाव मिल रहा है। मंत्रालय का कहना है कि इन कैफे को लोगों से शानदार रिस्पांस मिला है। यात्रियों को यहां का चाय-समोसा बहुत पसंद आ रहा है।
हर एयरपोर्ट पर एक कैफे
सरकार का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक हर एयरपोर्ट पर एक ही कैफे खोला जाए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक एयरपोर्ट पर एक ही कैफे कार्यरत हो। यह योजना यात्रियों के सुविधा के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति को भी बढ़ावा देगी। इस तरह की सुविधाएं यात्रियों को एयरपोर्ट पर और अधिक आरामदायक अनुभव प्रदान करेंगी।