Bihar Election 2025 से पहले मुख्यमंत्री Nitish Kumar का बड़ा ऐलान सियासत में चर्चा का केंद्र बन गया है। नीतीश सरकार ने दावा किया है कि राज्य के 94 लाख गरीब और अति पिछड़े परिवारों (EBC Families) को 2-3 Lakh Rupees Financial Assistance दी जाएगी। यह मदद स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तीन किश्तों में मिलेगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह योजना वास्तव में गरीबों की जिंदगी बदल पाएगी या फिर यह सिर्फ एक Election Jumla बनकर रह जाएगी?
Caste Survey के बाद Nitish का Masterstroke
साल 2023 में बिहार सरकार ने Caste Based Survey कराया था। इसके आंकड़े सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के गरीब परिवारों को Bihar Laghu Udyami Yojana के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी। शुरुआती योजना में हर परिवार को 2 लाख देने की बात थी, लेकिन हाल ही में सरकार ने संकेत दिया कि इसे 3 Lakh Rupees तक बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए Online Application Process शुरू भी हो चुका है।
महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ
इस योजना के तहत हर गरीब परिवार की एक महिला को 2 Lakh Rupees Grant दी जाएगी। सरकार का दावा है कि इस राशि से महिलाएं Small Business शुरू कर सकेंगी और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाना और Self Employment को बढ़ावा देना है।
Budget की सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि, इस योजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल Budget Requirement का है। अर्थशास्त्री प्रो. N.K. Choudhary के अनुसार, अगर 94 लाख परिवारों को 2-3 लाख रुपये दिए जाते हैं तो सरकार को लगभग 2.5 Lakh Crore Rupees की जरूरत होगी। अभी तक सरकार ने इसके लिए केवल 1250 Crore Rupees स्वीकृत किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का इंतजाम करना बेहद मुश्किल होगा, खासकर तब जब राज्य पहले ही Teacher Recruitment और दूसरी Welfare Schemes पर भारी खर्च कर चुका है।
Opposition का हमला और Election Angle
विपक्ष का आरोप है कि यह योजना पूरी तरह से Election Oriented Move है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी आबादी को इतनी राशि देना सिर्फ एक चुनावी वादा है, जिसकी हकीकत जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। वहीं, सरकार का कहना है कि इसका मकसद गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और Poverty Reduction करना है।
Bihar Government की यह योजना गरीबों के लिए एक Game Changer साबित हो सकती है, बशर्ते कि इसे सही तरीके से लागू किया जाए और बजट की समस्या को दूर किया जाए। लेकिन, विपक्ष का आरोप और आर्थिक चुनौतियां यह संकेत दे रही हैं कि यह योजना आने वाले Bihar Assembly Election 2025 में सियासी बहस का सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाली है।