भारत के प्रतिष्ठित नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को अब देश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों से जोड़ने की पहल की जा रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को गुजरात के अहमदाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित है और इसका उद्देश्य फिल्म समारोह को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचाना है। इस पहल की शुरुआत गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) से हो रही है, जहां 22 सितंबर 2026 को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में हुआ। एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है, जो देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।
National Film Awards: एकता नगर को लेकर क्या बोले अश्विनी वैष्णव?
अश्विनी वैष्णव ने एकता नगर की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि जब देशभर के फिल्म जगत के प्रमुख कलाकार और हस्तियां राष्ट्रपति के साथ ऐसे पर्यटन स्थल पर पहुंचते हैं, तो इससे अधिक लोगों को उस जगह के बारे में जानने का अवसर मिलता है। मंत्री ने इस पहल को केवल पुरस्कार समारोह तक सीमित रखने के बजाय सिनेमा और पर्यटन को एक साथ जोड़ने की सोच के रूप में प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि ऐसे आयोजन पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के सामने लाने में मदद कर सकते हैं।
राज्यों से पर्यटन स्थलों के नाम भेजने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने देश के सभी राज्यों से अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों के नाम प्रस्तावित करने की अपील भी की है। उनके अनुसार, राज्य अपने पर्यटन स्थलों के विकास और जरूरी सुविधाओं की योजना तैयार करें, ताकि भविष्य में वहां नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स आयोजित किए जा सकें। सरकार ने आधिकारिक तौर पर भी पुरस्कार समारोह को दिल्ली से बाहर विभिन्न राज्यों और शहरों तक ले जाने की योजना की जानकारी दी है। इससे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
G20 आयोजन का दिया उदाहरण
National Film Awards: अश्विनी वैष्णव ने इस पहल को समझाने के लिए G20 आयोजनों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में G20 से जुड़े कार्यक्रम देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित किए गए थे। मंत्री के अनुसार, नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को भी विभिन्न हिस्सों में ले जाना इसी तरह की सोच का हिस्सा है। इस पहल के माध्यम से फिल्म जगत और देश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों के बीच जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
‘छात्रों की गूंज’ की टिप्पणियों पर भी बोले मंत्री

