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February 11, 2026

बाबरी जैसी मस्जिद का निर्माण शुरू: 1200 मौलवियों का न्योता, मुर्शिदाबाद बना सियासी-धार्मिक संग्राम का केंद्र, 300 करोड़ की परियोजना से देशभर में बवाल

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने नई मस्जिद के निर्माण की घोषणा की है। यह मस्जिद बाबरी मस्जिद के नाम पर बन रही है। आज, यानी 11 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हुमायूं कबीर, जो कि पहले टीएमसी के नेता रहे हैं, लगातार इस योजना को लेकर सुर्खियों में हैं।

विशेष धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी

मस्जिद के निर्माण कार्य के शुभारंभ के मौके पर एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। आज सुबह करीब 10 बजे आधारशिला रखी जाएगी जिसमें लगभग 1000 से 1200 मौलाना, मुफ्ती और धार्मिक विद्वानों का कुरान का पाठ करने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद, दोपहर में औपचारिक रूप से मस्जिद के निर्माण का काम शुरू होगा। आयोजन में आमंत्रित नहीं किए गए वीआईपी मेहमानों के बजाय सिर्फ धार्मिक विभूतियों को शामिल किया जाएगा।

300 करोड़ रुपये में होगा निर्माण कार्य

इस परियोजना के लिए कुल 300 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसमें से अब तक लगभग 6 करोड़ रुपये का चंदा जुटाया गया है। हुमायूं कबीर ने बताया कि इस मस्जिद के निर्माण का लक्ष्य 2 साल में पूरा करना है। हाल ही में निर्माण कार्य की शुरुआत में आई देरी के पीछे तकनीकी कारण बताए गए हैं।

धार्मिक अनुष्ठान और समुदाय का समर्थन

समारोह में शामिल होने के लिए हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। हुमायूं कबीर ने बताया कि सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में कुरान की तिलावत लगभग दो घंटे तक चलेगी। इसके बाद, निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ करीब 12:30 बजे होगा। इस अवसर पर कोई भी विशेष व्यक्तित्व आमंत्रित नहीं किया गया है, बल्कि केवल धार्मिक विद्वानों को ही बुलाया गया है।

सीएम योगी का बयान और हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि ऐसे सपने देखने वालों का सपना कभी पूरा नहीं होगा। इस पर हुमायूं कबीर ने कहा कि वे संविधान के तहत मस्जिद का निर्माण कर रहे हैं और किसी भी रोक-टोक का सामना करने के लिए तैयार हैं।

हर किसी को आमंत्रित नहीं किया गया

हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर 2025 को पहले भी आधारशिला रखी थी और अब मस्जिद का निर्माण कार्य आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को आमंत्रित नहीं किया है, लेकिन इसके बावजूद मौलवियों और मुफ्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। यह निर्माण केवल मुर्शिदाबाद में ही नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में एक अहम स्थान रखता है।

बाबरी मस्जिद विवाद का इतिहास

बाबरी मस्जिद विवाद भारतीय राजनीति का एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। 1992 में विवादास्पद रूप से गिराई गई इस मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग आज भी जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इस संबंध में एक फैसला सुनाया है, जो विवाद को लेकर अतीत को नहीं भुलाया जा सका है।
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