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March 6, 2026

2467 करोड़ की जालसाजी: महाराष्ट्र की businesswoman दंपति सुरेश और अर्चना कुटे गिरफ्तार

The CSR Journal Magazine
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्चना कुटे को 2467 करोड़ रुपये के जालसाजी मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी की गतिविधियों से जुड़ा है। एजेंसी का कहना है कि इस क्रेडिट सोसाइटी ने निवेशकों को 12 से 14 फीसदी का हाई रिटर्न देने का वादा कर उन्हें आकर्षित किया। इस स्कीम के तहत हजारों निवेशकों ने अपने पैसे लगाए, लेकिन बाद में कई ने भारी नुकसान उठाया। काफी निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिली या केवल आंशिक भुगतान किया गया।

पति-पत्नी की गिरफ्तारी का कारण

इस मामले में पहले सुरेश कुटे को गिरफ्तार किया गया था और अब अर्चना कुटे की गिरफ्तारी हुई है। दोनों को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। 2 मार्च को अर्चना को मुंबई स्थित ईडी के कार्यालय में लेना गया और उन्हें 3 मार्च को विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 7 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।

फंड का डायवर्जन और जालसाजी

जांच एजेंसी का दावा है कि कुटे दंपति की कंपनियों में लगभग 2467 करोड़ रुपये का फंड डायवर्ट किया गया। यह फंड बिना सही दस्तावेजीकरण के उन्हें लोन के रूप में दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे पैसे का सही उपयोग नहीं किया गया, बल्कि इसे अपने निजी लाभ के लिए निकाल लिया गया। इसके अलावा, कई जगह छापेमारी भी की गई है।

महाराष्ट्र में FIR का सिलसिला

महाराष्ट्र के विभिन्न थानों में इस मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं। इस मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला चल रहा है। अब तक की जांच में पाया गया है कि कुटे दंपति और उनके सहयोगियों ने निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की है। इसके कारण सैकड़ों निवेशकों ने आर्थिक नुकसान झेला है।

छापेमारी और संपत्ति का अटैचमेंट

अब तक ईडी ने कई संपत्तियों को अटैच किया है, जिसमें लगभग 1621.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति शामिल है। यह कार्रवाई जालसाजी में शामिल लोगों के खिलाफ की जा रही है। इस मामले की जांच जारी है और ईडी का दावा है कि वे बाकी बचे पैसों को वसूलने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।

भविष्य की अदालत की कार्यवाही

अगली सुनवाई के लिए 7 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है। इस बीच, आर्थिक अपराध के खिलाफ यह मामला कई लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसके प्रभाव से चिंतित हैं और निवेशकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यह मामला न केवल कुटे दंपति की भविष्यवादी संभावनाओं को प्रभावित करेगा, बल्कि निवेशक समुदाय के विश्वास को भी कमजोर करेगा।

सुरेश और अर्चना कुटे कौन हैं?

सुरेश और अर्चना कुटे महाराष्ट्र के व्यवसायी दंपति हैं, जो कुटे ग्रुप की कंपनियों से जुड़े हैं। दोनों का नाम हाल ही में 2467 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है। अर्चना कुटे ग्रुप की प्रबंध निदेशक हैं और सुरेश कुटे पहले ही इसी मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों ने निवेशकों के पैसों का कथित रूप से निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया।

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