app-store-logo
play-store-logo
March 11, 2026

खाने का संकट: मध्यप्रदेश में 50 हजार शादियों को खतरा, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

The CSR Journal Magazine
अमेरिका और इजराइल की इरान से चल रही युद्ध ने हॉर्मुज जलमार्ग के जरिये गैस सप्लाई को प्रभावित कर दिया है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों तक पहुँच गया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी जगह होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इस स्थिति पर सबसे बड़ी चिंता शादी के सीजन की है, जिसमें लगभग 50 हजार शादियों का आयोजन होने वाला है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी से बड़े समारोहों में भोजन पर असर पढ़ सकता है। वहीं, अगर खुले में भट्टी जलाने की कोशिश की गई, तो 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कैटरिंग और इवेंट संचालकों में चिंता

भोपाल के कैटरिंग व्यवसायी जितेंद्र का कहना है कि उन्होंने शादी के आयोजनों के लिए बुकिंग कराई है और अब गैस सिलेंडर की कमी से दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि “घर के सिलेंडर से कुछ काम तो चला लिया, लेकिन आगे समस्या बढ़ने वाली है। अगर इवेंट कैंसिल हुए तो बहुत नुकसान होगा।” कई लोग यह भी कहते हैं कि डीजल या इलेक्ट्रिक चूल्हा उनके काम के लिए सही नहीं है।

रेस्टोरेंट्स में ऑर्डर कैंसिल करने की नौबत

भोपाल के राजहंस रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सिंह चौहान ने बताया कि दिनभर में 800 से 1000 लोग उनके रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं। गैस सिलेंडर न मिल पाने की वजह से उन्हें अपने ऑर्डर कैंसिल करने की नौबत आ सकती है। उन्होंने कहा कि “हमें घरेलू गैस का विकल्प दिया जाए, वरना हम भी मुश्किल में पड़ जाएंगे।”

होटल इंडस्ट्री में इमरजेंसी की स्थिति

इंदौर के भंडारी रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर मुकेश लाड का कहना है कि “कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से हमारे होटल का काम प्रभावित होगा।” स्थिति इतनी गंभीर है कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए इमरजेंसी बैठकें करनी पड़ेगी। होटल संचालकों की एक बैठक भी मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बना रही है।

छात्रों के भोजन पर संकट

भोपाल के उन्नति भोजनालय के संचालक रजनीश का कहना है कि “अगर सप्लाई में कमी आई, तो उनका काम प्रभावित होगा।” उनकी कैंटीन में रोजाना 60-70 छात्र भोजन करते हैं। अगर यह स्थिति बनी रही، तो टिफिन सेंटर भी बंद होने की नौबत आ सकती है।

फूड डिलीवरी भी संकट में

फूड डिलीवरी करने वाले सुकेश ने कहा कि “रोज 15 से 20 ऑर्डर डिलीवर करता हूँ। गैस की कमी से रेस्टोरेंट्स खाना नहीं बना पाएंगे, जिससे हमारी रोजी-रोटी भी प्रभावित होगी।” भोपाल में 7,000 से अधिक लोग फूड डिलीवरी का काम करते हैं। ऐसी मुद्रा में उनकी कमाई भी खतरे में आ सकती है।

सरकार का दावा: सप्लाई सामान्य है

सरकार ने यह आश्वस्त किया है कि प्रदेश में गैस की सप्लाई सामान्य है। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा है कि “आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हैं और गैस की स्थिति ठीक है।” प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। साथ ही अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos