लखनऊ में दिल दहलाने वाली साजिश नाकाम! यूपी ATS के हत्थे चढ़े पाकिस्तानी हैंडलर ‘राणा भाई’ के 3 शूटर

The CSR Journal Magazine
यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। ये सभी शूटर पाकिस्तानी हैंडलर ‘राणा भाई’ के इशारे पर लखनऊ में किसी सुरक्षाकर्मी की हत्या की योजना बना रहे थे। उनका मकसद वारदात का वीडियो बनाकर उसे पाकिस्तान भेजना था।

गिरफ्तारी की जानकारी

अपर पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए गए हैं। ATS को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ युवक पंजाब से लखनऊ में सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एटीएस ने त्वरित कार्रवाई की और गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष नाम के तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

सोशल मीडिया का उपयोग, हत्या का वीडियो बनाने का ऑफर

जांच में पता चला कि ये सभी अभियुक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर ‘राणा भाई’ के संपर्क में थे। मुख्य आरोपी गगनदीप पर पहले भी आर्म्स एक्ट का आपराधिक मुकदमा दर्ज है। यह जानकारी इस बात का संकेत है कि ये लोग पहले से ही अवैध गतिविधियों में शामिल थे। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर ने उन्हें लखनऊ में किसी पुलिस या सेना के जवान की टारगेट किलिंग करने का टास्क सौंपा था। इसके लिए उन्हें 3 लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया था। इस योजना के तहत हत्या के बाद वीडियो बनाकर उसे पाकिस्तान भेजने की योजना थी।

नेपाल सीमा पार भागने की योजना

आरोपियों ने बताया कि हत्या को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए नेपाल सीमा पार भागने की पूरी रूपरेखा तैयार की गई थी। इस योजना में उन्हें आर्थिक सहायता भी पहले से दी गई थी। यह स्पष्ट है कि यह एक संगठित साजिश थी, जिसमें कई लोग शामिल थे। अभियुक्तों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तानी हैंडलर के साथ की गई संदिग्ध चैट, वीडियो और लखनऊ के संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी से संबंधित पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। यह सबूत इस बात को साबित करते हैं कि ये लोग एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।

स्थानीय सहयोगियों की भूमिका

एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि शूटरों को लखनऊ में ही नेटवर्क से जुड़े एक अन्य स्थानीय व्यक्ति द्वारा विदेशी पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए गए थे। यह जानकारी भी सामने आई है कि इन हथियारों की आपूर्ति पाकिस्तान से की गई थी। एटीएस अब आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर उन स्थानीय सहयोगियों, फंडिंग नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन के पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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