लखनऊ के आशियाना इलाके में एक कारोबारी की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। 20 फरवरी से लापता 49 वर्षीय मानवेंद्र प्रताप सिंह का शव उनके ही घर से ड्रम में टुकड़ों में बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में उनके 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पढ़ाई और करियर को लेकर पिता-पुत्र के बीच तनाव की बात सामने आई है।
गुमशुदगी से हत्या का खुलासा
मूल रूप से जालौन निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ के आशियाना इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे और यहीं कारोबार करते थे। 20 फरवरी को उनके बेटे अक्षत ने थाना आशियाना में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी, तभी स्थानीय लोगों ने घर से तेज दुर्गंध आने की शिकायत की। 23 फरवरी को पुलिस टीम जब घर पहुंची और तलाशी ली, तो ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में रखे नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद हुए। पुलिस के अनुसार शव के कुछ हिस्से शहर के सदरौना इलाके के पास भी फेंके गए थे, जिन्हें बाद में बरामद कर लिया गया। इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
लाइसेंसी राइफल से गोली मारने का आरोप
आशियाना थाने के एसएचओ छत्रपाल सिंह के मुताबिक, आरोपी अक्षत ने अपने पिता की लाइसेंसी राइफल से उन्हें गोली मारी थी। वारदात 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में अक्षत ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गोली मारने के बाद आरोपी ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर तक लाया और एक खाली कमरे में उसके कई टुकड़े किए। शव के टुकड़ों को प्लास्टिक बैग में पैक किया गया। कुछ हिस्सों को घर के भीतर ड्रम में रखा गया, जबकि अन्य हिस्सों को शहर के बाहरी क्षेत्र में फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त राइफल भी बरामद कर ली है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नीट की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र में तनाव
पुलिस जांच में सामने आया है कि मानवेंद्र प्रताप सिंह अपने बेटे पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। अक्षत पहले नीट की कोचिंग कर चुका था, लेकिन दो प्रयासों में सफल नहीं हो पाया था।
फिलहाल वह बीकॉम का छात्र था। बताया जा रहा है कि पढ़ाई और करियर को लेकर पिता-पुत्र के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जो कथित तौर पर हिंसक रूप ले बैठी। मृतक के परिवार में एक बेटी भी है, जो स्थानीय स्कूल में पढ़ाई कर रही है। रिश्तेदारों का कहना है कि परिवार में पढ़ाई को लेकर तनाव बना रहता था, लेकिन किसी ने भी ऐसी घटना की कल्पना नहीं की थी।

