लखनऊ में लोधी समाज के महासम्मेलन ने भाजपा की आंतरिक राजनीति में जातिगत संतुलन का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। यह आयोजन विशेष रूप से तब हुआ जब भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच विवाद सामने आया। रविवार को विश्वेश्वरैया हाल में आयोजित इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और धर्मपाल सिंह भी उपस्थित थे, जिनकी मौजूदगी इस राजनीतिक घटनाक्रम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सभी की निगाहें लोधी समाज पर!
इस महासम्मेलन का आयोजन प्रमुखता से तब किया गया जब हाल ही में ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद लोधी समाज का यह जुटान हुआ। इस अवसर पर लोधी समाज ने अपनी एकजुटता और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे भाजपा की आंतरिक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
टकराव का जिक्र
इस सम्मेलन का आयोजन 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में हुए टकराव के बाद हुआ। प्रतियोगिता और वर्चस्व की यह लड़ाई अब समाज के बीच चर्चा का विषय बन गई है। जहां बृजभूषण राजपूत लोधी समाज से हैं, वहीं स्वतंत्र देव सिंह कुर्मी समाज से आते हैं। इस संघर्ष ने भाजपा में खलबली मचा दी है।
क्या हुई थी घटना? जानें पूरी कहानी
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जब महोबा में कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तब करीब 100 ग्राम प्रधानों ने बृजभूषण राजपूत के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। जल जीवन मिशन में काम में देरी के आरोप को लेकर जमकर नोकझोंक हुई। नल कनेक्शन, पाइपलाइन लीक तथा कई अन्य मुद्दों को लेकर यह विवाद बढ़ता गया।
सोशल मीडिया पर गर्माता मामला
इस घटना के बाद दोनों जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू किए, जिससे सियासत और गरमा गई। लोधी समाज की एकजुटता ने भाजपा के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
भाजपा की चिंता बढ़ी
इस विवाद के चलते भाजपा में कुर्मी बनाम लोधी समाज का मुद्दा तूल पकड़ रहा है, जिससे भाजपा की चिंता बढ़ गई है। दोनों पक्षों के समर्थकों में नाराजगी के चलते पार्टी को आगे की रणनीति तय करने में मुश्किल हो रही है। सूत्रों के अनुसार, धर्मपाल सिंह ने बृजभूषण से फोन पर बात कर पूरी स्थिति की जानकारी ली।
लोधी समाज का वोट बैंक
लोधी समाज भाजपा का एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है। समाज के नेता जैसे धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए चर्चित रहे हैं। हालांकि, भाजपा ने कुर्मी समाज के पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाया है, जिससे लोधी समाज के नेताओं में असंतोष पैदा हो गया है। यह विवाद भाजपा के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।