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February 26, 2026

कर्नाटक BJP प्रमुख ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में ABVP का समर्थन और सरकार की आलोचना की

The CSR Journal Magazine
कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने बेंगलुरु की अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुए विवाद पर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का विरोध करना पूरी तरह से जायज है। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का कार्यकाल पूरा होने पर भी सरकारी नौकरियों में 28 लाख रिक्तियां मौजूद हैं, जिससे छात्रों में असंतोष है।

भ्रष्टाचार और जवाबदारी की कमी

बीजेपी प्रमुख ने कहा कि जब देश विरोधी नारे लगाए गए, तो सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विद्यार्थी परिषद का विरोध होना आवश्यक था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। विजयेंद्र ने बताया कि बीते दिनों बेंगलुरु में 19 एबीवीपी सदस्यों को हिरासत में लिया गया था और उनकी गिरफ्तारी के बाद सशर्त जमानत पर रिहा किया गया।

यूनिवर्सिटी में जबरन प्रवेश और हिंसा की निंदा

अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने अपने परिसर में हुई तोड़फोड़ और हिंसा की कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विश्वविद्यालय ने कहा कि 20 लोगों के एक समूह ने परिसर में जबरन प्रवेश किया, जहां उन्होंने संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया और सुरक्षा गार्ड्स तथा छात्रों पर हमला किया। इस घटना की उन्होंने कड़ी निंदा की।

सरकारी नौकरियों की खामी को लेकर उठा सवाल

बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक में 2,86,000 सरकारी नौकरियों को नहीं भरा गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की असमर्थता का परिणाम है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के दौरान 25 लाख नौकरियों को भरने का वादा किया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

बेरोजगारी के लिए राज्य सरकार पर दबाव

कर्नाटक बीजेपी ने धारवाड़ में भी प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग की। विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में असमर्थ साबित हुई है, जिससे कर्नाटक की जनता परेशान है। स्वास्थ्य सेवा से लेकर रोजगार तक, लोग समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ती समस्याएं

कर्नाटक में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर समस्याओं का सामना कर रही हैं। एम्बुलेंस चालकों को वेतन नहीं मिल रहा है और डॉक्टरों की मांगें पूरी नहीं हो रही हैं। इससे ऐसा लगता है कि सरकार आम लोगों को राहत देने में असमर्थ है। इस सबके बीच, विजयेंद्र ने कहा कि यह वही लोग हैं जिन्होंने जन औषधि केंद्र को बंद करवाया था।

विवाद की मुख्य वजहें:

बेंगलुरु की अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में यह विवाद तब हुआ जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कैंपस में एक कार्यक्रम/गतिविधि के खिलाफ प्रदर्शन किया। एबीवीपी का आरोप था कि यूनिवर्सिटी परिसर में कथित देशविरोधी नारे लगाए गए। इसी के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जबरन प्रवेश, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं हुईं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि लगभग 20 लोगों के समूह ने कैंपस में घुसकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और गार्ड्स व छात्रों से मारपीट की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 19 एबीवीपी सदस्यों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा किया गया।
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