जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026 केवल साहित्य और संस्कृति का उत्सव नहीं, बल्कि राजधानी जयपुर की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा अवसर बनकर उभरा है। आयोजकों के अनुसार यह महोत्सव पर्यटन, होटल, व्यापार और परिवहन जैसे क्षेत्रों को मिलाकर शहर को 100 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक लाभ पहुंचाने की क्षमता रखता है।
साहित्य के साथ अर्थव्यवस्था को नई गति
15 जनवरी से शुरू हुआ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।
टीमवर्क आर्ट्स द्वारा आयोजित इस महोत्सव में हर साल देश-विदेश से हजारों साहित्यानुरागी, लेखक, विचारक और पर्यटक जयपुर पहुंचते हैं। आयोजकों के मुताबिक, फेस्टिवल के दौरान और उसके आसपास के दिनों में शहर की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है।
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय के अनुसार, JLF का प्रभाव केवल पांच दिनों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर आयोजन से पहले और बाद के हफ्तों तक दिखाई देता है। होटल बुकिंग, फ्लाइट्स, टैक्सी, लोकल ट्रांसपोर्ट और शॉपिंग में जबरदस्त उछाल आता है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को सीधा फायदा मिलता है।


होटल, ट्रांसपोर्ट और व्यापार को बड़ा फायदा
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान शहर के अधिकांश होटल फुल या लगभग फुल रहते हैं। छोटे गेस्ट हाउस से लेकर फाइव-स्टार होटलों तक में पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट, कैफे, हैंडीक्राफ्ट मार्केट, लोकल बाजार और टैक्सी सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ती है।
आंकड़ों के अनुसार, इस महोत्सव से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलता है।
लगभग 60 स्थानीय व्यवसाय सीधे तौर पर इस आयोजन से जुड़े रहते हैं, जिनमें इवेंट मैनेजमेंट, साउंड, लाइटिंग, प्रिंटिंग, खानपान और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं शामिल हैं। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।

राजस्थान पर्यटन को मिलता है स्थायी लाभ
JLF की एक खास बात यह है कि इसके दर्शकों में बड़ी संख्या उन लोगों की होती है, जो हर साल जयपुर लौटकर आते हैं। आयोजकों के अनुसार करीब 30 प्रतिशत प्रतिभागी नियमित दर्शक हैं। यह ट्रेंड राजस्थान पर्यटन के लिए बेहद लाभकारी है, क्योंकि इससे शहर में बार-बार आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती है।
देश और विदेश से आने वाले मेहमान जयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक बाजारों से जुड़ते हैं। आमेर, सिटी पैलेस, हवा महल जैसे पर्यटन स्थलों के साथ-साथ बापू बाजार, जौहरी बाजार और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग को भी सीधा फायदा होता है। इस तरह JLF, राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करता है।

वैश्विक मुद्दों और नवाचार पर मंथन
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में इस बार भी अंतरराष्ट्रीय और भारतीय हस्तियों की दमदार मौजूदगी है। स्टीफन फ्राय, सुधा मूर्ति, टिम बर्नर्स-ली और वीर दास जैसे नाम फेस्टिवल को खास बना रहे हैं। इन सत्रों में अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार, वैश्विक राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन चर्चाएं हो रही हैं।
इसके साथ ही ‘जयपुर बुकमार्क’ कार्यक्रम में क्षेत्रीय साहित्य, अनुवाद और पब्लिशिंग में AI की भूमिका पर विशेष फोकस किया जा रहा है। यह पहल न केवल लेखकों और प्रकाशकों के लिए नई संभावनाएं खोलती है, बल्कि भारत की भाषाई विविधता को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद करती है।
कुल मिलाकर, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 साहित्य, संस्कृति और अर्थव्यवस्था तीनों के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, जो जयपुर को वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिला रहा है।


