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January 9, 2026

क्या पाकिस्तान बांग्लादेश को जेएफ-17 लड़ाकू जेट बेचने की दिशा में बढ़ रहा है?

The CSR Journal Magazine
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग को लेकर नई अटकलें तेज़ हो गई हैं। बांग्लादेश वायुसेना प्रमुख के हालिया पाकिस्तान दौरे में जेएफ-17 ब्लॉक-3 लड़ाकू विमानों में दिलचस्पी जताए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान भविष्य में बांग्लादेश को ये लड़ाकू जेट बेच सकता है। हालांकि अभी कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

वायुसेना प्रमुखों की मुलाक़ात से बढ़ी हलचल

बांग्लादेश वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल हसन महमूद ख़ान के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तानी एयर हेडक्वार्टर का दौरा किया। यहां उनकी मुलाक़ात पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ज़हीर अहमद बाबर सिद्धू से हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल सहयोग, प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट और एयरोस्पेस क्षेत्र में साझेदारी को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
पाकिस्तानी वायुसेना के अनुसार, बांग्लादेश ने न केवल लड़ाकू विमानों बल्कि प्रशिक्षण प्रणाली, तकनीकी सहयोग और तेज़ डिलीवरी को लेकर भी रुचि दिखाई है।

जेएफ-17 ब्लॉक-3: क्यों है खास?

जेएफ-17 थंडर ब्लॉक-3 को 4.5 जनरेशन का मल्टी-रोल लड़ाकू विमान माना जाता है। इसमें एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार, लॉन्ग-रेंज बीवीआर मिसाइलें और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम लगे हैं।
यह विमान हवा-से-हवा, हवा-से-ज़मीन और हवा-से-समुद्र मिशनों में सक्षम है। इसकी खासियत यह भी है कि इसे पाकिस्तान में ही निर्मित और अपग्रेड किया जाता है, जिससे रखरखाव और लागत दोनों पर नियंत्रण रहता है। सीमित बजट वाली वायुसेनाओं के लिए यह एक किफायती लेकिन प्रभावी विकल्प माना जा रहा है।

अभी समझौता नहीं, लेकिन बातचीत जारी

पाकिस्तानी वायुसेना के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के साथ अभी तक जेएफ-17 की बिक्री को लेकर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बांग्लादेश ने इस विमान को खरीदने में “गंभीर दिलचस्पी” दिखाई है और इस विषय पर विस्तृत बातचीत हुई है।
बैठक में पाकिस्तान की ओर से यह भरोसा भी दिया गया कि यदि भविष्य में सौदा होता है, तो प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट में दीर्घकालिक सहयोग दिया जाएगा।

वैश्विक रक्षा बाज़ार में बदलता रुझान

पाकिस्तान पहले ही अज़रबैजान, म्यांमार और नाइजीरिया को जेएफ-17 बेच चुका है। पिछले साल अज़रबैजान के साथ 40 जेएफ-17C ब्लॉक-3 विमानों का लगभग 4.6 अरब डॉलर का समझौता हुआ था। इसके अलावा इराक़, लीबिया और अन्य देशों के साथ भी सौदों की चर्चा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई देश अब पारंपरिक पश्चिमी सप्लायर्स की जगह पाकिस्तान और चीन जैसे साझेदारों की ओर देख रहे हैं, जहां राजनीतिक शर्तें कम, कीमतें किफायती और तकनीक तक पहुंच अपेक्षाकृत आसान है।

विशेषज्ञों की राय और क्षेत्रीय असर

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ (IISS) के विशेषज्ञ डगलस बेरी के मुताबिक, जेएफ-17 की कीमत और क्षमताओं का संतुलन इसे आकर्षक बनाता है। वहीं अटलांटिक काउंसिल के एलेक्स प्लिट्सास का कहना है कि पश्चिमी प्रतिबंधों और सप्लाई चेन की सख़्ती से बचना चाहने वाले देशों के लिए यह एक व्यवहारिक विकल्प है।
यदि बांग्लादेश भविष्य में जेएफ-17 खरीदता है, तो यह दक्षिण एशिया के सैन्य संतुलन पर भी असर डाल सकता है। हालांकि फिलहाल यह प्रक्रिया “रुचि और संवाद” के स्तर पर है, लेकिन इसे पाकिस्तान-बांग्लादेश रक्षा संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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