app-store-logo
play-store-logo
March 17, 2026

भारत के 5 समुद्री सिकंदर जो आफत में लाए राहत, होर्मुज के पहरों को पार करते हुए बने 140 करोड़ लोगों के हीरो

The CSR Journal Magazine
ईरान ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे भारत समेत कई देशों में गैस का संकट उत्पन्न हो गया। भारत के 28 जहाज होर्मुज के पास फंस गए थे, लेकिन मोदी सरकार की कूटनीति से ईरान ने भारतीय जहाजों को पार करने की अनुमति दी। अब तक दो जहाज भारत पहुंच चुके हैं और बाकी तीन जहाज भी जल्द ही पहुंचने वाले हैं। यह घटनाक्रम ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच की बढ़ती तनाव के बीच हुआ है।

शिवालिक और नंदा देवी का आगमन

भारत पहुंचे जहाजों में प्रमुख नाम हैं शिवालिक और नंदा देवी। शिवालिक ने 16 मार्च को और नंदा देवी ने मंगलवार को भारत में कदम रखा। इन जहाजों में लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है। यह सभी जहाज मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहुंचे हैं। इसके अलावा, जग प्रकाश और जग लाडकी भी होर्मुज को पार कर चुके हैं। जग प्रकाश 21 मार्च को भारत में प्रवेश करेगा।

क्रूड ऑयल की आपूर्ति

जग लाडकी, जो 80,800 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर आ रही है, जल्द ही भारत में दाखिल होने वाली है। वह 14 मार्च को फुजैराह से रवाना हुई थी। जब वह कच्चा तेल लोड कर रही थी, तभी वहां एक हमला हुआ। इसके अलावा, देश विभोर जहाज भी होर्मुज को पार कर चुका है। इस तरह भारत के पास अब बीच के संकट से निपटने के लिए आवश्यक तेल और गैस आपूर्ति आ गई है।

भारत की सख्त सुरक्षा व्यवस्था

होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में, भारतीय नौसेना ने शांति बनाए रखने के लिए अपने युद्धपोत तैनात किए हुए हैं। यह व्यवस्था 2017 से चालू है, ताकि समुद्री मार्गों पर नजर रखी जा सके। हाल ही में, एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी को सुरक्षित एस्कॉर्ट भी किया गया। भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत Gulf of Aden में एंटी-पायरेसी ऑपरेशन के तहत सक्रिय हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व स्तर पर ऊर्जा परिवहन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के बड़े हिस्से का मुख्य मार्ग है। इस रास्ते में किसी भी प्रकार की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ता है। भारत के लिए यह जरूरी है कि वे अपने समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखें, जिससे भविष्य में किसी भी अस्थिरता से निपटा जा सके।

आगे की चुनौतियां

भारत के लिए आगे भी चुनौतियां बनी रहेंगी, लेकिन वर्तमान में ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को अनुमति देने से एक राहत मिली है। बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और समुद्री रास्तों पर नजर रखने की आवश्यकता लगातार बनी रहेगी, ताकि भविष्य की स्थिति को संभालने में आसानी हो। भारतीय नौसेना का सक्रिय होना इस दौरान काफी महत्वपूर्ण रहेगा।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos