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February 15, 2026

इंडियन एयर फोर्स का लोहित घाटी मिशन, हिमालय के नाजुक इकोसिस्टम को बचाने की मुहिम

The CSR Journal Magazine
अरुणाचल प्रदेश की लोहित घाटी में करीब दो हफ्तों से जंगल में भीषण आग लगी हुई है, जिसे बुझाने के लिए इंडियन एयर फोर्स लगातार अभियान चला रही है। इस मिशन में Mi-17V5 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है, जो कठिन पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के बीच आग पर पानी गिराकर नियंत्रण की कोशिश कर रहे हैं।
IAF ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक 12,000 लीटर से अधिक पानी आग बुझाने में इस्तेमाल किया जा चुका है। यह ऑपरेशन लगभग 9,500 फीट की ऊंचाई पर चलाया जा रहा है, जहां हवा की कमी और तेज हवाएं मिशन को और चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
हेलीकॉप्टर घाटी के ऊपर संकरी पहाड़ियों के किनारे बने हॉटस्पॉट्स तक पहुंचकर पानी गिरा रहे हैं, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके और हिमालय के नाजुक इकोसिस्टम को बचाया जा सके। वायुसेना का कहना है कि मौसम और ऊंचाई की कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान लगातार जारी है।
इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में काहो गांव के पास जंगल में लगी आग को भारतीय सेना ने कई हजार लीटर पानी का उपयोग कर लगभग एक सप्ताह में बुझाया था। वहीं, लोहित घाटी के मौजूदा ऑपरेशन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें जवानों की साहसिक कोशिशें देख लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
इसके साथ ही, IAF ने चिनूक हेलीकॉप्टर की हेवी-लिफ्ट क्षमता का भी जिक्र किया, जो दुर्गम इलाकों में सेना और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभा रही है। यह मिशन भारत की सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, विकास और रणनीतिक तैयारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अरुणाचल प्रदेश की लोहित घाटी में करीब दो हफ्तों से जंगल में भीषण आग लगी हुई है, जिसे बुझाने के लिए इंडियन एयर फोर्स लगातार अभियान चला रही है। इस मिशन में Mi-17V5 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है, जो कठिन पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के बीच आग पर पानी गिराकर नियंत्रण की कोशिश कर रहे हैं।
IAF ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक 12,000 लीटर से अधिक पानी आग बुझाने में इस्तेमाल किया जा चुका है। यह ऑपरेशन लगभग 9,500 फीट की ऊंचाई पर चलाया जा रहा है, जहां हवा की कमी और तेज हवाएं मिशन को और चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
हेलीकॉप्टर घाटी के ऊपर संकरी पहाड़ियों के किनारे बने हॉटस्पॉट्स तक पहुंचकर पानी गिरा रहे हैं, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके और हिमालय के नाजुक इकोसिस्टम को बचाया जा सके। वायुसेना का कहना है कि मौसम और ऊंचाई की कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान लगातार जारी है।
इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में काहो गांव के पास जंगल में लगी आग को भारतीय सेना ने कई हजार लीटर पानी का उपयोग कर लगभग एक सप्ताह में बुझाया था। वहीं, लोहित घाटी के मौजूदा ऑपरेशन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें जवानों की साहसिक कोशिशें देख लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
इसके साथ ही, IAF ने चिनूक हेलीकॉप्टर की हेवी-लिफ्ट क्षमता का भी जिक्र किया, जो दुर्गम इलाकों में सेना और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभा रही है। यह मिशन भारत की सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, विकास और रणनीतिक तैयारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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