app-store-logo
play-store-logo
February 18, 2026

भारत 18 फरवरी 2026 को विशाखापत्तनम में 18 देशों के जहाजों के साथ अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू आयोजित करेगा

The CSR Journal Magazine
भारत 18 फरवरी 2026 को विशाखापत्तनम में अपना सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू आयोजित कर रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 देशों के 19 जहाजों का निरीक्षण करेंगी। इस समारोह का उद्देश्य भारत के समुद्री सहयोग और नौसेना की ताकत को उजागर करना है। फ्लीट रिव्यू में भाग लेने वाले देशों के जहाज, पनडुब्बियाँ और विमान शामिल होंगे, जो वैश्विक समुद्री सहयोग के प्रतीक हैं।

दौरे के दौरान होने वाली गतिविधियाँ

इस विशेष आयोजन के दौरान, विभिन्न देशों के नौसैनिक एक-दूसरे से मिलकर अनुभव साझा करेंगे और समुद्री सुरक्षा में आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे। इस बार के फ्लीट रिव्यू का थिम है ‘United Through Oceans’, यानी महासागरों के माध्यम से एकता। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की ताकत, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को प्रदर्शित करता है।

राष्ट्रपति का रिव्यू कार्यक्रम

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 18 फरवरी 2026 की सुबह विशाखापत्तनम में अपडेटेड रिव्यू एंकरिज एरिया में उपस्थित होंगी। वे INS सुमेधा, जो कि भारत में निर्मित एक नेवल ऑफशोर पेट्रोल वेसल है, पर सवार होकर इस भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगी। राष्ट्रपति इस रिव्यू में भाग लेने वाले जहाजों का विस्तार से निरीक्षण करेंगी।

दिलचस्प गतिविधियों का प्रदर्शन

फ्लीट रिव्यू में विभिन्न दिलचस्प गतिविधियाँ जैसे कि वॉरशिप और सबमरीन का पासिंग कॉलम, नेवल एयरक्राफ्ट का फ्लाईपास्ट, सेलिंग वेसल की परेड और हेलीकॉप्टर द्वारा सर्च एंड रेस्क्यू का प्रदर्शन होगा। यह सब एक शानदार समुद्री अनुभव का हिस्सा होगा, जो दर्शकों को बेहद आकर्षित करेगा।

18 देशों का आगमन

इस उपलक्ष्य में भाग लेने वाले देशों में सेशेल्स, इंडोनेशिया, मालदीव, थाईलैंड, ओमान, ईरान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान, म्यांमार, वियतनाम, UAE, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, रूस, बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल हैं। इन देशों के जहाजों के भाग लेने से इस कार्यक्रम को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का महत्व मिलेगा।

भविष्य में समुद्री सहयोग का मार्ग

अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 को भारतीय नौसेना और समुद्री सहयोग के लिए एक नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन न केवल भारत की समुद्री सामर्थ्य को बढ़ाता है, बल्कि मित्र राष्ट्रों के बीच समुद्री सुरक्षा मामलों पर समझौता और बातचीत भी बढ़ाएगा।

Latest News

Popular Videos