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March 10, 2026

UN में भारत का पाकिस्तान पर तीखा वार, अफगानिस्तान हमलों को बताया कानून उल्लंघन

The CSR Journal Magazine
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने स्पष्ट रूप से अफगानिस्तान के समर्थन में आवाज उठाई है। भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। इसी मंच पर अमेरिका ने अफगानिस्तान के अंदर मानवाधिकारों के उल्लंघन की चर्चा की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि अफगानिस्तान तरक्की के रास्ते पर है और वहां की क्रिकेट टीम लोगों की जिंदगी में खुशी ला रही है।

अफगानिस्तान के साथ भारत के रिश्ते

भारत ने हाल ही में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की ब्रीफिंग में अफगानिस्तान में मौजूदा मानवीय चुनौतियों, बॉर्डर पार हिंसा और व्यापार में रुकावटों पर चिंता जताई। हरीश पर्वतनेनी ने भारत के निरंतर सपोर्ट पर जोर देते हुए कहा कि वह आम लोगों की मौत और व्यापार में रुकावटों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

क्रिकेट से अफगान युवाओं का उत्साह

पर्वतनेनी ने कहा कि आज अफगानिस्तान के युवा क्रिकेट के प्रति उत्साही हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय दर्शकों के लिए यह अच्छी बात है कि अफगान युवा क्रिकेट के मैदान पर जोश के साथ खेलते हुए नजर आते हैं। हाल ही में समाप्त हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान की टीम ने अपने उत्साह से सभी का दिल जीत लिया।

भारत का निरंतर समर्थन

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में 500 से अधिक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स लागू किए हैं। भारत अफगानिस्तान फूड सिक्योरिटी, एजुकेशन, हेल्थकेयर और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में UN एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। यह सब पारस्परिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में हैं।

अफगानिस्तान में हमलों की निंदा

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि वे सेक्रेटरी जनरल की उस अपील का समर्थन करते हैं, जिसमें अन्य देशों से सुरक्षा के लिए जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए कहा गया है। अफगानिस्तान में हुए बॉर्डर पार हमलों की भी कड़ी निंदा की गई, जहां आम नागरिकों की जानें गईं। भारत ने एयरस्ट्राइक को भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया।

अमेरिका ने उठाए सवाल

UN में अमेरिका ने अफगानिस्तान के तालिबान नेताओं पर होस्टेज डिप्लोमेसी का आरोप लगाया है। अमेरिकी एंबसेडर माइक वाल्ट्ज ने कहा कि तालिबान के कार्य गलत इरादों को दर्शाते हैं। उन्होंने 1 बिलियन डॉलर की मानवीय सहायता की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए और तालिबान की नीयत पर संदेह जताया।

रुबियो का तंज

US के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अफगानिस्तान की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तालिबान सरकार लोगों को गलत तरीके से हिरासत में ले रही है। उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि तालिबान अपने आतंकवादी तरीकों का उपयोग कर रहा है और यह स्थिति टलने वाली नहीं है। तालिबान को हिरासत में लिए गए सभी अमेरिकियों को रिहा करना चाहिए।
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