नेपाल की नई सरकार से सीमाओं पर हलचल, भारत-नेपाल जॉइंट सर्वे की हुई शुरुआत

The CSR Journal Magazine
नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद, भारत-नेपाल संयुक्त सीमा सर्वेक्षण टीम-3 की पहले अंतरराष्ट्रीय बैठक श्रावस्ती जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भारत की तरफ से श्रावस्ती के DM अश्विनी कुमार पांडे, बलरामपुर के DM विपिन कुमार जैन सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। नेपाल की तरफ से भी कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और जॉइंट सर्वे को तेज करना है।

सीमा के सात जिलों में सर्वे का अभियान

नेपाल के बर्दिया जिले के प्रमुख गोगन बहादुर हमाल की अगुवाई में नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने इस बैठक में भाग लिया। भारतीय अधिकारियों ने सर्वे टीम-3 के लिए श्रावस्ती के DM को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जो सभी गतिविधियों की देखरेख करेंगे। अब भारत और नेपाल के सीमावर्ती सात जिलों में, जिसमें बिहार के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण भी शामिल हैं, सीमाओं पर कड़ी निगरानी और सर्वे का काम शुरू हो चुका है। इसके तहत ‘नो मैंस लैंड’ पर अतिक्रमण हटाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

एक महीने में पूरा होगा सर्वे

उम्मीद की जा रही है कि यह साझा सर्वेक्षण एक महीने के भीतर पूरा हो जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच खुली सीमा पर तालमेल और प्रबंधन में सुधार आएगा। जॉइंट फील्ड सर्वे टीमों की पहली बैठक 24 मार्च को रक्सौल में हुई थी। इसमें संपन्न हुई चर्चा में सीमा स्तंभों के रखरखाव के कई पहलुओं पर बात की गई।

अतिक्रमण हटाने की हो रही मुहिम

हाल ही में, नेपाल प्रशासन ने रक्सौल के पास अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की है, जबकि भारतीय सशस्त्र सीमा बल ने पलानवा में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है। SSB की 47वीं बटालियन के कमांडेंट ने बताया कि सीमा की पवित्रता बनाए रखने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं।

सीमाओं की सुरक्षा का होगा ध्यान

DM जोरवाल ने बताया कि यह सर्वेक्षण 7वें बाउंड्री वर्किंग ग्रुप और 12वीं सर्वे ऑफिशियल कमिटी की सिफारिशों के अनुसार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में सीमा स्तंभों की सही स्थिति की जांच होगी, साथ ही खराब स्तंभों की मरम्मत भी की जाएगी। हाल के समय में कई अवैध कब्जे भी हटाए गए हैं।

सीमाओं पर संवेदनशीलता का बढ़ता महत्व

जॉइंट सर्वे का उद्देश्य ना सिर्फ अवैध कब्जों को हटाना है, बल्कि सीमा पर सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है। इस प्रक्रिया में क्षेत्रीय अधिकारियों की सक्रियता और समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत और नेपाल दोनों ही देशों के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है।

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