भारत ने US को नहीं दिया अपना बेस, MEA ने खारिज की Fake News

The CSR Journal Magazine
विदेश मंत्रालय ने हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रहे एक झूठे दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमले के लिए सैन्य मदद मांगी है। MEA ने इसको ‘फेक न्यूज’ और ‘मनगढ़ंत’ बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक पोस्ट में स्पष्ट किया, “फेक न्यूज़ अलर्ट! कृपया ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों से सावधान रहें!”

एक पत्रकार के द्वारा फैलाया गया झूठ

यहां तक कि यह दावा एक पत्रकार द्वारा किया गया था, जिसने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ (LEMOA) के तहत भारत में किसी सैन्य संपत्ति का उपयोग करने का आग्रह किया था। इस पोस्ट में आगे कोंकण तट के पास संभावित ऑफशोर तैनाती का भी जिक्र किया गया और इसे अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जोड़ा गया। यह दावा तेजी से वायरल हुआ, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

MEA का स्पष्ट जवाब

MEA ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए दावों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और यह दावें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। विदेश मंत्रालय ने इस झूठी खबर के जवाब में कहा, “ब्रेकिंग न्यूज, ऐसी कोई सैन्य सहायता मांगी ही नहीं गई है।” इस प्रकार के गलत जानकारी फैलाना समाज में भ्रम उत्पन्न करता है और इसका कड़ा विरोध होना चाहिए।

क्या है LEMOA?

लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट (LEMOA) भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौता है, जो 2016 में हस्ताक्षरित हुआ था। यह दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति देता है, जैसे कि ईंधन भरना, मरम्मत, आपूर्ति और आराम। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने में मदद मिलती है, लेकिन इसका गलत मतलब निकालना या इसे राजनीतिक साजिश के तहत प्रस्तुत करना सही नहीं है।

आम जनता के प्रति अपील

MEA ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसी भ्रामक जानकारी से बचें और अपने आसपास के लोगों को भी सचेत करें। जिस तरह से फेक न्यूज तेजी से फैलती है, उससे समाज में चिंता और गलतफहमी पैदा होती है। इसे रोकने के लिए जागरूकता आवश्यक है। आगाह किया गया है कि ऐसे दावों पर बिना पुष्टि के विश्वास करना हानिकारक हो सकता है।

भारत और अमेरिका के रिश्ते का महत्व

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच लगातार उच्चस्तरीय वार्ता और सहयोग का अभ्यास होता है। ऐसी रिपोर्टों के माध्यम से इन रिश्तों को कमजोर करना देश हित में नहीं है। भारत ने हमेशा अपने संप्रभुता का सम्मान किया है और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को सिरे से खारिज किया है जो देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
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