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February 8, 2026

छत्तीसगढ़ में 51 नक्सलियों, जिनमें 34 महिलाएं शामिल हैं, ने 1.61 करोड़ के इनाम के साथ आत्मसमर्पण किया।

The CSR Journal Magazine
छत्तीसगढ़ के बस्तर मंडल में एक प्रमुख घटना घटित हुई है, जहाँ 51 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 34 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम था। ‘पूना मारगेम’ पहल के अंतर्गत बीजापुर और सुकमा जिलों में हुए इस आत्मसमर्पण को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने नक्सलवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है, जो अब फलित होता दिख रहा है।

बीजापुर में खास आत्मसमर्पण

जानकारी के अनुसार, बस्तर पुलिस के ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास पहल के तहत बीजापुर में 30 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल थीं। वहीं, सुकमा जिले में 14 महिलाओं समेत 21 अन्य नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। नक्सलियों का कहना है कि वे राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित हैं और सामान्य जीवन जीने की उनकी इच्छा है।

अब तक 300 नक्सली हुए आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने की समय सीमा 31 मार्च, 2026 के आस-पास है, और इस वर्ष अब तक लगभग 300 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि यह सब राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के प्रभाव का परिणाम है।

इनाम की विस्तृत जानकारी

गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में से बोटी पोडियम उर्फ मल्ला, सुखराम मदकम और रीना पुणेम शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। 30 नक्सलियों पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

जमा किया गया हथियार

सुकमा में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने तीन एके-47 राइफल, दो सेल्फ लोडिंग राइफल, एक इंसास राइफल, और अन्य हथियारों के साथ-साथ जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर भी जमा कराए। आत्मसमर्पण करने वाले हर नक्सली को तत्काल 50,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

आत्मसमर्पण की अपील

सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि सुरक्षा शिविरों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क और सरकार की विकास योजनाओं के कारण माओवादी गतिविधियों में कमी आई है। उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण की अपील की और कहा कि हिंसा केवल विनाश और पीड़ा का कारण बनती है।

मुख्यमंत्री का बयान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना को बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार के पिछले दो वर्षों के प्रयासों का प्रतिफल है, जिसने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं में विस्तार किया है।

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