10वीं क्लास में शुरू किया शहद का बिजनेस, मां के नाम पर कंपनी और अब ₹40 लाख का टर्नओवर

The CSR Journal Magazine
हिमाचल प्रदेश के शिमला में रहने वाले निक्षय चौहान ने अपनी Entrepreneurial Journey की शुरुआत 10वीं क्लास में की थी। उस समय उनके पास न तो कोई बड़ा सेटअप था और न ही बिजनेस का ज्यादा अनुभव। लेकिन उन्होंने अपने जुनून और मेहनत से शहद का बिजनेस शुरू किया। स्कूल के शिक्षकों से फीडबैक लेकर धीरे-धीरे ऑर्डर आने लगे। आज उनका बिजनेस शहद से बढ़कर जैम, चटनी और अन्य पहाड़ी प्रोडक्ट्स तक फैल चुका है। पिछले साल उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग ₹40 लाख था।

मां के नाम पर स्थापित ब्रांड

निक्षय ने अपने ब्रांड का नाम Himrus Natural रखा है। कंपनी का रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज उनकी मां के नाम पर हैं। निक्षय बताते हैं कि उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षकों को शहद के सैंपल दिए और वहां से मिले अच्छे फीडबैक ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।

कोविड के दौरान चुनौतियां

कोविड महामारी के दौरान कारोबार चलाना आसान नहीं था। गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने पर निक्षय खुद बैग लेकर घर-घर सामान पहुंचाने निकल पड़े। कई बार उन्हें पैदल चलकर डिलीवरी करनी पड़ती थी। इस तरह उन्होंने शुरुआती दिनों में ही प्रोडक्ट बेचने के साथ ग्राहकों तक सामान पहुंचाने की चुनौती को भी समझा।

फूड प्रोसेसिंग में प्रशिक्षण

12वीं क्लास में निक्षय ने फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग ली। इसके बाद उनके प्रोडक्ट्स में जैम, चटनी और जूस भी शामिल हो गए। उनका बिजनेस लोकल हिमाचली प्रोड्यूस और नेचुरल चीजों पर फोकस करता है। हालांकि, सभी प्रोडक्ट्स हर समय उपलब्ध नहीं होते हैं, और कई अभी आउट ऑफ स्टॉक हैं।

शहद की विशेषताएं

निक्षय बताते हैं कि उनके ब्रांड के लिए शहद सीधे मधुमक्खी पालकों से लिया जाता है। शहद का स्वाद, रंग और दूसरी खासियतें उन फूलों पर निर्भर करती हैं जिनसे मधुमक्खियां रस इकट्ठा कर रही हैं। इसीलिए अलग-अलग फूलों से मिलने वाला शहद अलग-अलग होता है।

कैश फ्लो पर जोर

निक्षय के अनुसार, पिछले साल GST रिकॉर्ड में उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग ₹40 लाख था। लेकिन उनका मानना है कि किसी बिजनेस की हेल्थ का अंदाजा सिर्फ टर्नओवर से नहीं लगाया जा सकता। समय पर फंड का आना और रोज के खर्चों को मैनेज करने की क्षमता भी बिजनेस ग्रोथ के लिए जरूरी है। उनका कहना है कि अगर सेल्स हो रही हैं लेकिन पेमेंट समय पर नहीं मिल रही है, तो बिजनेस चलाना मुश्किल हो सकता है।

एक सफल उद्यमी की पहचान

निक्षय की कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, समर्पण और सही दिशा में प्रयास करने से किसी भी युवा उद्यमी को सफलता मिल सकती है। उन्होंने न केवल अपने बिजनेस को सफल बनाया है, बल्कि अपने अनुभवों से सीखकर अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया है। आज निक्षय एक सफल उद्यमी हैं, जो अपने काम के प्रति समर्पित हैं और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

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