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March 5, 2026

बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक दिन तीन दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ भरा राज्यसभा नामांकन

The CSR Journal Magazine
बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब तीन अलग-अलग राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया ने राज्य की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड बना दिया और एनडीए की एकजुटता का मजबूत संदेश भी दिया।

पहली बार बना ऐसा राजनीतिक रिकॉर्ड

बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब तीन अलग-अलग दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज रही। तीनों नेताओं के समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वहां मौजूद रहे।  राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह का घटनाक्रम सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाला कदम भी है। इससे यह संकेत मिलता है कि आगामी समय में राज्य की राजनीति में गठबंधन की भूमिका और मजबूत हो सकती है।

तीन बड़े नेताओं ने भरे पर्चे

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
तीनों नेताओं ने विधानसभा पहुंचकर औपचारिक रूप से अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। राजनीतिक दृष्टि से यह घटना इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि तीनों अलग-अलग दलों के शीर्ष नेता हैं और उनका एक साथ चुनावी मैदान में उतरना गठबंधन की रणनीति को दर्शाता है।

नामांकन के दौरान दिखी एनडीए की ताकत

नामांकन के दौरान एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर कई वरिष्ठ नेता, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। नेताओं ने इसे गठबंधन की मजबूती और आपसी तालमेल का प्रतीक बताया। समर्थकों ने इसे एनडीए की एकजुटता का बड़ा संदेश बताया, जो आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

आगे की चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक संकेत

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को की जाएगी। इसके बाद प्रत्याशियों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च तय की गई है। यदि आवश्यक हुआ तो 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का एक साथ चुनावी मैदान में उतरना आने वाले समय की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत देता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि गठबंधन अपने राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

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