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January 9, 2026

इस साल वैवाहिक सीज़न में 20 दिन की देरी, जानिए क्यों और कब शुरू होंगे शुभ मुहूर्त?

The CSR Journal Magazine
इस साल धार्मिक कैलेंडर के अनुसार खरमास 16 जनवरी को समाप्त हो जाएगा। सामान्यत: खरमास समाप्त होते ही वैवाहिक मुहूर्त शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। काशी के ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहों की स्थिति के कारण शादी के शुभ मुहूर्त 16 जनवरी के तुरंत बाद शुरू नहीं होंगे।

वैवाहिक मुहूर्त की देरी का कारण: शुक्र ग्रह का अस्त

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार शुक्र ग्रह अस्त चल रहा है। शादी और वैवाहिक संबंधों के लिए शुक्र का शुभ होना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बीएचयू के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय सहित कई ज्योतिषियों ने बताया कि पिछले वर्षों में खरमास समाप्त होने के तुरंत बाद शुक्रोदय हो जाता था, जिससे विवाह के लिए मुहूर्त तुरंत आरंभ हो जाते थे।

शादी का नया आरंभ: 4 फरवरी

इस वर्ष, शुक्र ग्रह का उदय केवल 4 फरवरी को होगा। यही दिन इस साल वैवाहिक मुहूर्त की शुरुआत का संकेत देता है। इस प्रकार, खरमास समाप्त होने के बाद 20 दिन का अंतराल रहेगा, और परिवारों को अपनी तैयारियों में अतिरिक्त समय मिलेगा। 4 फरवरी से लेकर 15 मार्च तक कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जिनमें दूल्हा-दुल्हन के परिवार अपनी सुविधा अनुसार तिथियां चुन सकते हैं।

परिवारों के लिए तैयारी का समय बढ़ा

ज्योतिषियों के अनुसार, यह अंतराल केवल बाधा नहीं, बल्कि एक अवसर भी है। परिवार इस समय का उपयोग विवाह समारोहों की तैयारी, आमंत्रण, सजावट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कर सकते हैं। इससे चार फरवरी के बाद विवाह समारोह अधिक व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से आयोजित होंगे।

पिछले वर्षों से क्या है फर्क

पिछले सालों में मकर संक्रांति के दिन खरमास समाप्त होते ही वैवाहिक मुहूर्त आरंभ हो जाते थे। वहीं, इस बार ग्रहों, नक्षत्रों और करण की स्थिति बदल गई है। शुक्र ग्रह का अस्त होने के कारण विवाह का शुभ समय 20 दिन के अंतराल के बाद ही आएगा।

चार फरवरी से 15 मार्च तक शुभ विवाह मुहूर्त

ज्योतिषियों का मानना है कि 4 फरवरी से 15 मार्च तक विवाह के लिए कई अनुकूल मुहूर्त हैं। यह अवधि वैवाहिक समारोहों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दौरान कोई भी परिवार अपनी इच्छानुसार तिथि चुनकर शादी का आयोजन कर सकता है।

सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

इस वर्ष की यह स्थिति केवल ज्योतिषीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। परिवारों को इस समय का लाभ उठाकर तैयारी पूरी करने का मौका मिलेगा, जिससे शादी समारोह और भी भव्य और यादगार बन सके।

अवसर और चुनौती दोनों

इस वर्ष का खरमास और वैवाहिक मुहूर्त का अंतराल न केवल परिवारों के लिए चुनौती लेकर आया है, बल्कि एक अवसर भी प्रदान करता है। तैयारी का अतिरिक्त समय, अनुकूल मुहूर्त और व्यवस्थित आयोजन इस साल के वैवाहिक सीज़न को विशेष बनाएंगे।
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