शिमला में बांग्लादेशी किन्नर छात्र पर मंदिरों में उगाही के आरोप: विवाद बढ़ा

The CSR Journal Magazine
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बांग्लादेशी किन्नर छात्र, इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल, चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। उसके ऊपर मंदिरों में जाकर पैसों की उगाही करने के आरोप लगे हैं। हिंदू रक्षा मंच ने इस संबंध में शिमला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस शिकायत के बाद जांच शुरू की और पता चला कि वह स्टडी वीजा पर भारत आया है।

डॉक्यूमेंट्स की जांच में सब कुछ सही पाया गया

पुलिस के अनुसार, इस्लाम की उम्र 30 साल है और वह बांग्लादेश के राजशाही का निवासी है। वह शिमला की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से BJMC की पढ़ाई कर रहा है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि प्रयोगात्मक जांच में उसके सभी दस्तावेज, जैसे स्टडी वीजा, स्टे वीजा, नेशनल आईडी कार्ड और यूनिवर्सिटी की फीस स्लिप सही पाए गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब कुछ स्थानीय लोगों ने उसके ऊपर पैसों की मांग करने का आरोप लगाया।

आरोपों पर छात्र का स्पष्टीकरण

इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल ने कहा कि वह किन्नर समुदाय से है और काली माता की पूजा करता है। इसलिए उसने कालीबाड़ी और जाखू मंदिर का दौरा किया। उसने स्पष्ट किया कि उसने किसी से पैसे नहीं मांगे, बल्कि जो लोग स्वेच्छा से पैसे देते हैं, उसे मना नहीं करता। इसके बाद भी मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है।

राजनीतिक नेताओं ने उठाए सवाल

विपक्षी नेता जयराम ठाकुर ने इस बात का उठाया है कि बांग्लादेशी नागरिक का धार्मिक स्थल पर आना गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस की इंटेलिजेंस पर सवाल उठाया और मांग की कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि इस शिकायत में सच्चाई है, तो वह इसे सदन में उठाएंगे।

कांग्रेस का सहयोग, कार्रवाई का आश्वासन

इस बीच, कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने भी मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र को अपने दायरे में रहना चाहिए। जनारथा ने कहा कि यह मामला मीडिया के जरिए उनके संज्ञान में आया और वह पुलिस उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।

शिमला पुलिस का मौन, चिंताएं बढ़ी

इस मामले में शिमला पुलिस फिलहाल कोई भी स्पष्टता देने से बच रही है। स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं के बीच चिंताओं का संचार हो गया है। यह देखते हुए कि मामला धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़ा है, इसकी गंभीरता बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन को इस मामले में जल्द कार्रवाई करनी होगी।

समुदाय की भावना पर पड़ा असर

इस मामले ने किन्नर समुदाय के सदस्य भी चिंतित कर दिए हैं। वे महसूस कर रहे हैं कि उनके ऊपर लगने वाले आरोप से उनकी पहचान और धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में उनके लिए यह मुश्किल समय बन सकता है, और वे सरकार से उचित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos