हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पठानकोट में चुनाव पुरानी वार्डबंदी पर

The CSR Journal Magazine
नगर निगम पठानकोट चुनावों को लेकर हाईकोर्ट का ताज़ा आदेश आ गया है। अदालत के निर्देश के अनुसार, अब ये चुनाव पुरानी वार्डबंदी के आधार पर ही कराए जाएंगे। इससे राजनीतिक पार्टीयों के बीच हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि नई वार्डबंदी में कई पूर्व पार्षदों के वार्ड में फेरबदल किया गया था, जिसका अंतिम नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका था। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश से पठानकोट में वार्ड स्तर की राजनीति पर गहरा असर पड़ेगा।

भाजपा-कांग्रेस के खेमे में खुशी, आप में असमंजस

इस फैसले पर भाजपा और कांग्रेस के खेमे में खुशी का माहौल है। राजनीतिक दल इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने असमंजस और चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार ने चुनाव समय पर करवाने के लिए नोटिफिकेशन वापस ली है, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस का कहना है कि आप ने हार स्वीकार कर ली है, क्योंकि हाईकोर्ट में उनका केस कमजोर हो गया है।

2021 के चुनावों का संदर्भ

2021 में नगर निगम चुनाव पुरानी वार्डबंदी के आधार पर हुए थे। उस समय वार्ड सीमाएं तय थीं और राजनीतिक दलों का स्थिर वोट बैंक बन चुका था। कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 11 और अन्य ने 2 सीटें जीती थीं। बाद में, कई कांग्रेसी पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। दिसंबर में नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी हुआ, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।

विपक्ष का आरोप और हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

विपक्ष ने आरोप लगाया था कि वार्ड सीमाएं राजनीतिक लाभ के लिए बदली जा रही हैं। इसी बीच मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहाँ अदालत ने इस पर रोक लगाते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। अब निर्णय आ गया है कि चुनाव पुरानी वार्डबंदी से ही होंगे। आम आदमी पार्टी के नेता विभूती शर्मा ने कहा कि विपक्षी बेवजह हाय तौबा मचा रहे हैं, जबकि चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

भाजपा के पूर्व मेयर का स्वागत

भाजपा के पूर्व मेयर अनिल वासुदेवा ने हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा कदम बताया है। उनका मानना है कि लंबे समय से वार्डबंदी में असमंजस बनी हुई थी, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। इसे भाजपा की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता अपने प्रतिनिधि चुनने में सक्षम होगी।

कांग्रेस का खुद को मजबूती से पेश करना

मौजूदा मेयर और कांग्रेसी नेता पन्ना लाल भाटिया ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला दिखाता है कि आप का यह हथकंडा विफल हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस फिर से बहुमत में आएगी। चुनावी माहौल में अब सभी की नजरें आगामी निकाय चुनावों पर टिकी हुई हैं।

निकाय चुनावों की तैयारियां तेज

हाईकोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद चुनावी तैयारियां भी तेज़ हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के चयन और रणनीतियों में जुट गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा। अब सभी पार्टियां पुरानी वार्डों के आधार पर अपनी ताकत का आ

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