सोमवीर मोटा, जो कि हरियाणा का एक मोस्ट वांटेड गैंगस्टर है, अब भारत लौट आया है। उसे अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है। उसके खिलाफ 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या और अवैध हथियारों का प्रयोग शामिल है। सोनवीर मोटा अनिल चिप्पी का भाई है और दोनों भाई लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। भारत में उसकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने संयुक्त कदम उठाए थे।
लंबे समय से फरार था मोटा
सोमवीर मोटा को पकड़ने के लिए हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात है। मोटा पर हत्या, रंगदारी और लूट जैसे गंभीर अपराधों के 20 से ज्यादा मामले हैं। वह काफी समय से भारत से भागकर अमेरिका में रह रहा था और अपने गैंग का संचालन वहीं से कर रहा था। इस मामले में बुधवार को STF एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी जाएगी।
सीबीआई और इंटरपोल का सहयोग
मोटा को वापस लाने की प्रक्रिया सीबीआई ने हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर शुरू की थी। 11 फरवरी 2025 को INTERPOL के माध्यम से उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया। इसके बाद सीबीआई ने वाशिंगटन स्थित एनसीबी के साथ समन्वय कर उसे पकड़ने में सफल हुई। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इंटरपोल के माध्यम से हाल के वर्षों में 150 से अधिक वांछित अपराधी भारत लाए जा चुके हैं।
एक मजबूत नेटवर्क का संचालन
सोमवीर मोटा का नाम कई गंभीर अपराधों में जुड़ा हुआ है और वह भारत के विभिन्न भागों में अपने गैंग के साथ सक्रिय रहा है। उसके संबंध में कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि की गई है। मोटा के भाई अनिल चिप्पी का भी नाम रोहतक क्षेत्र के कुख्यात गैंगेस्टरों में शामिल है। दोनों भाई कई बार जेल जा चुके हैं और इनके खिलाफ हरियाणा पुलिस ने कठोर कार्रवाई की है।
भारत में वांछित अपराधियों की वापसी
इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस वैश्विक स्तर पर वांछित अपराधियों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मदद करता है। भारत में सीबीआई, इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में तेजी आई है। जनवरी में भी हरियाणा पुलिस ने एक अन्य वांछित गैंगस्टर अमन कुमार को अमेरिका से भारत लाने में सफलता प्राप्त की थी।