गुरुग्राम में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का बड़ा खेल! एक PAN नंबर से 25 हजार संपत्तियां, ₹55,000 करोड़ के सौदे जांच के घेरे में

The CSR Journal Magazine
हरियाणा के गुरुग्राम में जमीन और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड में बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। बादशाहपुर तहसील में आयकर विभाग के सर्वेक्षण के दौरान करीब 25,000 संपत्तियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां मिली हैं। इन संपत्तियों से जुड़े लगभग 55,000 करोड़ रुपये के सौदे जांच के दायरे में आ गए हैं। शुरुआती जांच में कई रजिस्ट्रियों में एक ही PAN नंबर के कथित इस्तेमाल की बात सामने आई है। यह मामला इसलिए अहम है, क्योंकि प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में PAN नंबर के जरिए लेनदेन से जुड़ी जानकारी आयकर विभाग तक पहुंचती है। रिकॉर्ड में गलत PAN दर्ज होने या लेनदेन की जानकारी नहीं मिलने से विभाग को सौदों की वास्तविक स्थिति समझने में परेशानी हो सकती है।

25 हजार संपत्तियों के रिकॉर्ड में क्या मिला?

अधिकारियों के मुताबिक, बादशाहपुर तहसील में पिछले दो वर्षों के दौरान हुए संपत्ति सौदों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इस दौरान करीब 25,000 संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आईं। इनमें कुछ ऐसे सौदे भी शामिल हैं, जिनकी जानकारी आयकर विभाग को उपलब्ध नहीं थी या जिनमें गलत PAN नंबर दर्ज होने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 12,000 संपत्तियों से जुड़े 15,000 करोड़ रुपये के सौदों की जानकारी विभाग को नहीं मिली थी। रिकॉर्ड की पड़ताल में अन्य गड़बड़ियां भी सामने आईं। इसके बाद करीब 55,000 करोड़ रुपये के संपत्ति सौदे जांच के दायरे में आ गए। हालांकि, इन आंकड़ों का मतलब यह नहीं है कि सभी सौदे फर्जी हैं या पूरे 55,000 करोड़ रुपये का घोटाला साबित हो चुका है। फिलहाल मामला रिकॉर्ड में मिली विसंगतियों की जांच का है।

एक ही PAN नंबर के इस्तेमाल की जांच

इस मामले में सबसे अहम पहलू एक ही PAN नंबर के कथित तौर पर कई संपत्ति रजिस्ट्रियों में इस्तेमाल किए जाने का है। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि रिकॉर्ड में गलत PAN नंबर कैसे दर्ज हुए और क्या संपत्ति सौदों की जानकारी छिपाई गई थी। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि गड़बड़ियां रिकॉर्ड दर्ज करने में हुई चूक का नतीजा हैं या इनके पीछे जानबूझकर नियमों से बचने की कोशिश की गई। इसके लिए तहसील के दस्तावेजों का संबंधित रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है।

सात सदस्यीय टीम कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग, चंडीगढ़ के निदेशक (जांच एवं आपराधिक खुफिया जानकारी) ने सात सदस्यीय टीम बनाई है। यह टीम बादशाहपुर तहसील कार्यालय में रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। टीम का काम संपत्तियों के दस्तावेजों, PAN नंबर और लेनदेन से जुड़ी जानकारी का मिलान करना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि कितने सौदों में वास्तविक गड़बड़ी हुई और किन लोगों या संस्थाओं की जिम्मेदारी बनती है।

प्रॉपर्टी खरीदारों और विभाग की नजर जांच पर

गुरुग्राम में जमीन और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री लंबे समय से बड़े आर्थिक लेनदेन का हिस्सा रही है। ऐसे में रिकॉर्ड में सामने आई गड़बड़ियां संपत्ति रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और आयकर नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल आयकर विभाग का ध्यान रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति सामने लाने पर है। जांच के नतीजों से पता चलेगा कि मामला गलत जानकारी दर्ज करने तक सीमित है या इसमें बड़े स्तर पर कर संबंधी अनियमितताएं हुई हैं। अभी किसी व्यापक घोटाले को साबित हुआ मानना जल्दबाजी होगी।

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