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March 17, 2026

10 साल बाद ऊना दलित हिंसा केस में बड़ा फैसला, 37 आरोपी बरी, 5 दोषियों की सजा का ऐलान आज

The CSR Journal Magazine
गुजरात के ऊना में 2016 के दलित हिंसा मामले में 10 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कुल 42 आरोपियों में से 37 को बरी कर दिया गया है, जबकि 5 लोगों को दोषी ठहराया गया है। इन दोषियों की सजा का ऐलान आज किया जाएगा। घटना ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में सामाजिक न्याय और जातिगत भेदभाव पर गहरी बहस को जन्म दिया था।

क्या हुआ था ऊना में?

यह घटना ऊना तालुका के मोटा समढियाला गांव में हुई थी, जहां कुछ दलित युवकों को कथित रूप से गोकशी के आरोप में सरेआम पीटा गया था। जब इस मामले की जांच शुरू हुई, तो 42 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल थे। पीड़ितों का कहना था कि वे मरे हुए जानवरों की खाल उतारने का काम करते हैं, लेकिन उन पर गाय मारने का आरोप लगाया गया था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

सामाजिक संघर्ष का प्रतीक

ऊना की यह घटना सिर्फ एक स्थानिय मामले नहीं थी, बल्कि इसने दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को उजागर किया। यह घटना सामाजिक संघर्ष का प्रतीक बन गई और इसके पीछे की सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। मामले के बाद से, दलितों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर कई सवाल उठने लगे।

कोर्ट की प्रक्रिया

इस मामले की सुनवाई में 10 साल का समय लगा, जिसमें 260 से अधिक गवाहों की गवाही दर्ज की गई। कोर्ट ने हत्या के प्रयास, डकैती, अपहरण, दंगा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों में अधिकांश आरोपियों को बरी कर दिया। 16 मार्च को कोर्ट ने 5 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनकी सजा का आज ऐलान होना है।

गौरक्षकों का चेहरा

इस मामले में आरोपियों में शामिल कंचनबेन, PSI पांडे, और ऊना PSO करशनभाई को भी बरी कर दिया गया है। इस फैसले में यह दर्शाया गया है कि कैसे केवल आरोपों पर सजा नहीं दी जा सकती। यहां तक कि इनमें से एक आरोपित, निर्मल झाला, अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह घटना आज भी समाज में कई सवाल खड़े करती है।

अगला कदम

आज की सुनवाई में 5 दोषियों की सजा का ऐलान सभी की निगाहों में है। यह जानना लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगा कि क्या उन्हें केवल हल्की सजाएं मिलेंगी या फिर सख्त दंड का सामना करना पड़ेगा। ऊना का मामला कानून और सामाजिक न्याय की बड़े सवालों को उजागर करता है। वर्तमान स्थिति में लोग सरकार और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
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