app-store-logo
play-store-logo
January 11, 2026

गजनी–खिलजी आए, चले गए सोमनाथ अमर रहा” PM Modi ने साझा किया शौर्यगाथा का वीडियो, जानिए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की कहानी

The CSR Journal Magazine
गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में 8 से 11 जनवरी 2026 तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व उन असंख्य वीरों और श्रद्धालुओं की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिन्होंने आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह आयोजन वर्ष 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है, जिससे इसका ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व और भी बढ़ जाता है।

pm मोदी ने साझा किया भावनात्मक वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे से पहले सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली गाथा पर आधारित एक भव्य वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। वीडियो में सोमनाथ मंदिर के दिव्य और भव्य स्वरूप को दर्शाया गया है। इसके साथ ही मशहूर गायक हंसराज रघुवंशी की आवाज़ में एक भावनात्मक गीत शामिल है, जिसके बोल हैं—
“गजनी, खिलजी, औरंगजेब आए आकर चले गए, पर भोले बाबा के आगे, पापी सारे राख हुए…”
इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा और भावनात्मक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।

प्रधानमंत्री का संदेश: आस्था की अखंड धारा

वीडियो साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा,
“भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे।” यह संदेश न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता और आत्मिक शक्ति को भी रेखांकित करता है।

पीएम मोदी का दो दिवसीय कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जनवरी को सोमनाथ में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। 10 जनवरी की शाम वह सोमनाथ पहुंचेंगे और रात 8 बजे ओंकार मंत्र के दिव्य जाप में शामिल होंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन शो का आनंद लेंगेI 11 जनवरी की सुबह करीब 9:45 बजे पीएम मोदी शौर्य यात्रा में शामिल होंगे, जिसमें 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक मार्च वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद वह मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और सुबह 11 बजे एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

स्वतंत्रता के बाद पुनर्निर्माण की गौरवगाथा

सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्रता के बाद भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का प्रतीक रहा है। इस प्रयास का नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था। वर्ष 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। वर्ष 2026 में इस ऐतिहासिक पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के कारण इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस अवसर पर देशभर से सैकड़ों संत और धर्माचार्य शामिल हो रहे हैं।

भाजपा का संदेश: “सोमनाथ अमर है”

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने भी एक भावनात्मक संदेश साझा किया। पार्टी ने कहा कि सनातन धर्म कभी झुक नहीं सकता और सोमनाथ मंदिर अमर था, अमर है और अमर रहेगा। संदेश के अंत में लोगों से “जय श्री सोमनाथ” का उद्घोष करने का आह्वान किया गया और #SomnathSwabhimanParv हैशटैग का उपयोग किया गया।

क्यों खास है ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’

यह पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और स्वाभिमान का उत्सव है। यह उन बलिदानों की याद दिलाता है, जिन्होंने सोमनाथ को बार-बार उठ खड़ा होने की शक्ति दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates
App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos