जीवन में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी मेहनत रंग लाए, आमदनी बढ़े और घर में कभी धन-धान्य की कमी न हो। हालांकि कई बार देखा जाता है कि समान परिश्रम के बावजूद किसी के पास अपार संपन्नता होती है, जबकि किसी का जीवन संघर्षों में ही बीत जाता है। ऐसे में लोग इसे किस्मत या गुडलक से जोड़कर देखते हैं। हिंदू मान्यताओं में कुछ आदतों और व्यवहारों को सौभाग्य से सीधा जुड़ा माना गया है। कहा जाता है कि यदि इन बातों को नजरअंदाज किया जाए तो सपने अधूरे रह जाते हैं और आर्थिक तंगी बढ़ सकती है।
धन का अपमान न करें, वरना लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं
हिंदू धर्म में मुद्रा को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। ऐसे में गंदे हाथों से नोट छूना या थूक लगाकर पैसे गिनना अशुभ माना जाता है। यह आदत न केवल असभ्यता दर्शाती है, बल्कि धन के प्रति अनादर भी मानी जाती है, जिससे आर्थिक नुकसान होने की मान्यता है।
भोजन और कर्म स्थान का रखें विशेष ध्यान
बिस्तर या काम करने वाली गद्दी पर बैठकर भोजन करना शुभ नहीं माना जाता। इसी तरह जिस स्थान पर आप कार्य करते हैं, वहां सोना भी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। मान्यता है कि इससे परिश्रम का पूरा फल नहीं मिलता।
झाड़ू और बर्तनों से जुड़ी मान्यताएं
झाड़ू को भी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इसे पैर से ठोकर मारना या खुले में रखना दरिद्रता को आमंत्रण देने जैसा समझा जाता है। वहीं टूटे-फूटे बर्तनों में भोजन करना भी आर्थिक परेशानियों को बढ़ाता है। इसलिए ऐसे बर्तन तुरंत हटा देना चाहिए।
पानी की बर्बादी बन सकती है धन हानि का कारण
जल को धन का प्रतीक माना गया है। घर या कार्यस्थल पर पानी की लीकेज होना संकेत देता है कि धन टिक नहीं पाएगा। इसलिए नल, टंकी या पाइप में रिसाव हो तो उसे तुरंत ठीक कराना जरूरी माना गया है।
मुख्य द्वार से आता है सौभाग्य
घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसे साफ-सुथरा रखना, शुभ चिह्नों से सजाना और प्रतिदिन सुबह इसकी सफाई करना गुडलक को आकर्षित करने का उपाय माना जाता है।
दान और विनम्रता से बढ़ता है पुण्य
भिक्षा मांगने आए व्यक्ति को खाली हाथ लौटाना शुभ नहीं माना गया है। यदि देना संभव न हो तो विनम्रता से क्षमा मांगनी चाहिए। दान देने पर कृतज्ञता व्यक्त करना भी सकारात्मक फल देता है।
ईश्वर के दरबार में न जाएं खाली हाथ
मान्यता है कि भगवान के सामने हमेशा कुछ न कुछ अर्पित करना चाहिए, चाहे वह फूल, जल या पत्ती ही क्यों न हो। खाली हाथ जाने से खाली हाथ लौटने की बात कही जाती है।
नजर दोष से बचाव के उपाय
अच्छी बात कहते समय लकड़ी छूने की परंपरा नजर दोष से बचने से जुड़ी है। इसी तरह चंदन, तुलसी या रुद्राक्ष की माला धारण करना सौभाग्य की रक्षा के लिए शुभ माना जाता है।
घर में शुद्धता और सकारात्मकता बनाए रखें
गुडलक बढ़ाने के लिए रोज शंख में गंगाजल भरकर घर के चारों कोनों में छिड़काव करने की मान्यता है। साथ ही सुबह मुख्य द्वार पर हल्दी मिले पानी का छिड़काव करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
छोटी आदतें, बड़ा असर
ये उपाय आस्था और परंपरा से जुड़े हैं, लेकिन इनका उद्देश्य जीवन में अनुशासन, स्वच्छता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। माना जाता है कि जब व्यवहार सुधरता है, तो भाग्य भी साथ देने लगता है।
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