app-store-logo
play-store-logo
January 2, 2026

लहसुन- स्वाद से सेहत तक, हज़ारों सालों का सफ़र और आज की विज्ञान की कसौटी

The CSR Journal Magazine
दुनिया के लगभग हर किचन में मौजूद लहसुन केवल स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि हज़ारों सालों से औषधि, आस्था और संस्कृति का हिस्सा रहा है। प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, लहसुन के गुणों पर लगातार शोध होते रहे हैं। सवाल यही है क्या लहसुन वाकई हमारे लिए इतना फायदेमंद है?

हर किचन की शान स्वाद का अहम राज़

लहसुन के बिना कई व्यंजन अधूरे माने जाते हैं। सूप, सब्ज़ी, मीट, पिज़्ज़ा या भारतीय तड़का हर जगह इसकी मौजूदगी है। डेनमार्क के मशहूर शेफ़ पॉल एरिक जेनसन कहते हैं कि उन्होंने आज तक कोई ऐसा छात्र नहीं देखा, जिसे लहसुन के बारे में न पता हो।

यूरोप में कभी इसकी तेज़ गंध के कारण इसे नज़रअंदाज़ किया गया, लेकिन प्रवासियों के साथ यह भोजन का अभिन्न हिस्सा बन गया। आज फ्रेंच, इटालियन, एशियन और भारतीय व्यंजनों में लहसुन स्वाद की रीढ़ माना जाता है।

इतिहास और आस्था में लहसुन

लहसुन का ज़िक्र हज़ारों साल पुराने इतिहास में मिलता है। प्राचीन मिस्र में इसे इतना पवित्र माना गया कि फ़राओ तूतनख़ामेन की कब्र में भी लहसुन रखा गया। यूनान में देवी हेकाटे को चढ़ावे के रूप में लहसुन अर्पित किया जाता था।

लोककथाओं में लहसुन को बुरी आत्माओं और पिशाचों से बचाने वाला माना गया। लेखिका रॉबिन चेरी बताती हैं कि दुनिया की सबसे पुरानी लिखित रेसिपी मेसोपोटामिया की स्टू डिश—में भी लहसुन शामिल था। यही नहीं, प्राचीन चिकित्सा ग्रंथ इबर्स पपायरस में भी कई बीमारियों के इलाज में लहसुन का उल्लेख मिलता है।

गुलामों का भोजन से राजघरानों तक

एक समय ऐसा भी था जब लहसुन को गरीबों और दासों का भोजन माना जाता था। मिस्र में पिरामिड बनाने वाले दास और रोमन सैनिक इसे ताकत और सहनशक्ति के लिए खाते थे।

पुनर्जागरण काल में इसकी छवि बदली। फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ से लेकर 19वीं सदी के इंग्लैंड तक, लहसुन धीरे-धीरे उच्च वर्ग के भोजन में शामिल हुआ। अमेरिका में यह 20वीं सदी के मध्य में प्रवासियों के ज़रिये लोकप्रिय हुआ और इसकी नकारात्मक छवि टूटने लगी।

सेहत के लिए कितना असरदार?

आज दुनिया में लहसुन की 600 से ज़्यादा किस्में पाई जाती हैं। आधुनिक विज्ञान ने इसके एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-वायरल और एंटी-फ़ंगल गुणों की पुष्टि की है। लहसुन में मौजूद एलिसिन जैसे सल्फ़र कंपाउंड्स इसे ख़ास बनाते हैं।

ब्रिटिश डायटेटिक एसोसिएशन के अनुसार, लहसुन पोटैशियम, ज़िंक, आयरन और प्रीबायोटिक फ़ाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन और गट हेल्थ के लिए फ़ायदेमंद है।

हालांकि, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर पर इसके प्रभाव को लेकर स्टडीज़ में मिले-जुले नतीजे सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोज़ाना एक से दो कलियां सुरक्षित हैं, लेकिन अत्यधिक सेवन से गैस और पेट की दिक्कत हो सकती है।

लहसुन सिर्फ़ स्वाद नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सेहत का संगम है। विज्ञान इसे ‘चमत्कारी दवा’ तो नहीं मानता, लेकिन संतुलित मात्रा में इसका सेवन निश्चित रूप से हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos