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February 27, 2026

कौशांबी में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू, 3.5 लाख लोगों को दी जाएगी ट्रिपल ड्रग थेरेपी

The CSR Journal Magazine
कौशांबी जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर अभियान की शुरुआत हो गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जनपद के चायल और सरसवां विकास खंडों में माइक्रोफाइलेरिया दर अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है, जिस कारण इन क्षेत्रों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) और इंटेंसिफाइड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (IDA) कार्यक्रम किया जा रहा है। यह अभियान 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा।

358,523 लोगों को दी जाएगी ट्रिपल ड्रग थेरेपी

चयनित ब्लॉकों में कुल 3,58,523 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं की खुराक दी जाएगी। इसमें डी.ई.सी. (100 मिग्रा), एल्बेन्डाजोल (400 मिग्रा) और आइवरमेक्टिन (3 मिग्रा) शामिल हैं। इन दवाओं का सेवन लाभार्थियों को ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की निगरानी में कराया जाएगा।

323 टीमें और 65 सुपरवाइजर तैनात

इस कार्य के लिए 323 टीमों का गठन किया गया है, जिसमें कुल 646 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक टीम में एक पुरुष सदस्य भी शामिल किया गया है। इन टीमों में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वयंसेवकों को ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में शामिल किया गया है।
अभियान की निगरानी के लिए 65 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जिनमें एएनएम, आशा संगिनी, हेल्थ सुपरवाइजर और बीएचडब्ल्यू शामिल हैं। ये सुपरवाइजर अभियान के तय मानकों के अनुसार क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेंगे।

दवा वितरण से कुछ समूह रहेंगे बाहर

एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को इस दवा वितरण कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। यह निर्णय उनकी चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

फाइलेरिया रोगियों का चल रहा है उपचार

जिले में वर्तमान में 879 लिम्फोडिमा और 125 हाइड्रोसील रोगी सूचीबद्ध हैं। लिम्फोडिमा के मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की जा रही है वहीं हाइड्रोसील रोगियों का उपचार ऑपरेशन के माध्यम से किया जा रहा है।

दवा की आपूर्ति और तैयारियां पूरी

358,523 लोगों को दवा उपलब्ध कराने के लिए डी.ई.सी. की 8,96,308 गोलियां, एल्बेन्डाजोल की 3,58,523 गोलियां और आइवरमेक्टिन की 8,96,308 गोलियों की आवश्यकता होगी। इन दवाओं की आपूर्ति राज्य मलेरिया मुख्यालय से कर दी गई है और ब्लॉकों को उपलब्ध कराई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और जिले को वर्ष 2026 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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