सूचना की पुष्टि की गई। सही पाए जाने के बाद पुलिस और STF की टीम ने इलाके को घेर लिया। प्रिंस को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू की गई। इस दौरान प्रिंस ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF ने उसे मार गिराया। एनकाउंटर से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… चश्मदीद बोला- पहले उन लोगों ने फायरिंग की दिलीप कुमार चौधरी ने बताया कि, पास वाली बिल्डिंग में एक लड़का कुछ दिनों से किराए के घर में रहने आया था। प्रिंस उसी के घर में छिपा था। पुलिस को देखते ही उन लोगों ने गोली चलानी शुरू कर दी। मैं घर में टीवी देख रहा था। आवाज सुनकर बाहर आया। मैंने दोनों ओर से गोली चलने की आवाज सुनी। 6 महीने पहले पुलिस कस्टडी से भागा था प्रिंस प्रिंस 4 सितंबर 2025 को पटना पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था। वैशाली कोर्ट से पेशी के दौरान भागने के बाद प्रिंस ने पंजाब में गोल्ड लूट की थी।
तभी से वो पटना की बेऊर जेल में बंद था। फिल्मी स्टाइल में PMCH से भागा प्रिंस सोना लूट गैंग के सरगना सुबोध सिंह का शार्प शूटर प्रिंस पटना के बेऊर जेल में बंद था। सीने में दर्द की शिकायत को लेकर वो जेल के अस्पताल से पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के लिए रेफर हुआ। प्रिंस 5 दिनों से जेल से भागने की तैयारी कर रहा था। सीने में दर्द और एसिडिटी की शिकायत को लेकर 1 अप्रैल से लेकर 4 सितंबर तक वह 3 बार पीएमसीएच इलाज के लिए लाया गया था। 2 सितंबर को पटना मेडिकल कॉलेज में उसे जांच के लिए भेजा गया था। डॉक्टरों की जांच में वह पूरी तरह से नॉर्मल मिला। डॉक्टरों ने गैस की दवा देकर उसे फिट बताया। 4 सितंबर को प्रिंस ने फिल्मी स्टाइल में पुलिस कर्मियों को पहले सेट किया। पार्टी दी और फिर वहां से फरार हो गया। पटना पुलिस को मटन पार्टी देकर भागा प्रिंस PMCH से भागने से पहले पुलिस वालों के साथ मरीन ड्राइव गया था। यहां पर उसने पुलिस वालों को सैर करवाई। इसके बाद पुलिस वालों के साथ ही वो सैदपुर नहर के पास एक डॉक्टर के घर गया। यहां पुलिस कर्मियों को चिकन-मटन की पार्टी दी गई। उसने पुलिसकर्मी सुबोध पासवान और रंजन कुमार को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद कदमकुआं के कुख्यात अपराधी सोनू पटेल के साथ फरार हो गया। जिस समय प्रिंस भागा उसके हाथ में हथकड़ी लगी हुई थी। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर दो हवलदार और 6 सिपाहियों के खिलाफ पीरबहोर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
नेपाल भागने की थी आशंका प्रिंस के नेपाल भागने की आशंका थी। वह पहले भी पुलिस कस्टडी से भागा था तो नेपाल गया था। कुछ दिनों तक नेपाल में रहने के बाद वह भारत में आया और कई बड़ी घटना को अंजाम दिया। इस बार भी यही आशंका जताई जा रही थी कि वह पहले नेपाल में छिपकर रहेगा, इसके बाद भारत में कोई बड़ी घटना कर सकता था। सुबोध और प्रिंस का 7 राज्यों में बड़ा नेटवर्क सुबोध और उसके राइट हैंड प्रिंस का देश के 7 राज्यों में नेटवर्क है। ये गैंग अब तक मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, यूपी, चेन्नई, ओडिशा में वारदातों को अंजाम दे चुका है। इन राज्यों में सुबोध के नाम से कई केस दर्ज हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश पुलिस ने बिहार के कई जिलों में इस गैंग को पकड़ने के लिए छापेमारी की थी। सुबोध ने देश में सोना लूट की कई बड़ी घटना को अंजाम दिया है, प्रिंस ने हर बार उसका साथ दिया है। दोनों की आपस में ऐसी सेटिंग है कि प्रिंस बाहर होता है तो भी सुबोध बड़ी घटना को जेल से ही अंजाम दे देता है।