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February 18, 2026

राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव 16 मार्च को होंगे, शरद पवार और प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल समाप्त

The CSR Journal Magazine
भारत में राजनीति में हलचल मच गई है क्योंकि चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 खाली सीटों के लिए चुनाव की तारीख 16 मार्च तय कर दी है। इन सीटों में से कई महत्वपूर्ण नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसमें महाराष्ट्र से शरद पवार और प्रियंका चतुर्वेदी का नाम शामिल है। इस चुनाव में देशभर से कई बड़े चेहरों की वापसी या विदाई हो सकती है।

किस राज्य से कितनी सीटें होंगी खाली?

महाराष्ट्र के अलावा, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार में भी राज्यसभा की सीटें रिक्त होंगी। सबसे अधिक 7 सीटें महाराष्ट्र से खाली होंगी, इसके बाद 6 सीटें तमिलनाडु और 5 सीटें पश्चिम बंगाल से होंगी। ये चुनाव सभी राज्यों के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक होंगे।

मुख्य चेहरे जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, और कई अन्य बड़े नेता जैसे शरद पवार और प्रियंका चतुर्वेदी भी इस बार रिटायर होंगे। इन चेहरों के बाहर जाने से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आ सकता है, जो आगामी चुनावों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

राजनीतिक समीकरणों पर असर

बिहार से हरिवंश नारायण सिंह, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर जैसे नेता रिटायर हो रहे हैं, जबकि ओडिशा से ममता मोहंटा, मुजिबुल्ला खान और निरंजन बिशी जैसे प्रमुख चेहरे भी विदाई ले रहे हैं। ये सभी नेता अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं।

प्रदेशों में सीटों का बंटवारा

बिहार से 5, ओडिशा से 4, और असम से 3 सीटें खाली होंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा और तेलंगाना से 2-2 सीटों के अलावा हिमाचल प्रदेश से एक सीट पर भी चुनाव होंगे। विभिन्न राज्यों में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

रिटायर होने वाले अन्य प्रमुख नेता

राज्यसभा चुनाव में सिर्फ बड़े चेहरे ही नहीं, बल्कि कई अन्य नेता भी रिटायर हो रहे हैं। इनमें बिहार से अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, और पश्चिम बंगाल से ऋतब्रत बनर्जी, सुब्रत बक्शी शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं।

कैसे होंगे चुनाव?

चुनाव आयोग की तरफ से हाल ही में जारी कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर मतदान होगा। इस बार का चुनाव देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा और मतदाताओं को अपने पसंदीदा नेताओं को चुनने का अवसर प्रदान करेगा।

नए चेहरों की संभावनाएं

आने वाले चुनावों में नए चेहरों की एंट्री भी देखने को मिल सकती है। कई युवा नेता इस बार अपनी किस्‍मत आजमाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक दलों के द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के साथ-साथ चुनावी मैदान में उतरने वाले नए चेहरों पर सबकी निगाहें होंगी।

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