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February 1, 2026

कॉन्फ्रेंस में गए डॉक्टर को आया कार्डियक अरेस्ट, चिकित्सा जगत में शोक

The CSR Journal Magazine
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल और एसएमएस मेडिकल कॉलेज को उस समय गहरा आघात लगा, जब जनरल सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर और ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. बी.एल. यादव का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में सर्जनों की एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने गए डॉ. यादव को रविवार को अचानक सीने में दर्द उठा, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना से न सिर्फ जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान का चिकित्सा समुदाय स्तब्ध है।

कॉन्फ्रेंस के दौरान आया अचानक कार्डियक अरेस्ट

डॉ. बी.एल. यादव शनिवार को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में आयोजित सर्जनों की एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने गए थे। रविवार को कार्यक्रम के दौरान ही उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। साथ मौजूद सहयोगी डॉक्टर उन्हें तुरंत गोंदिया के एक नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने सीपीआर और अन्य जीवनरक्षक उपचार शुरू किए, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। कार्डियक अरेस्ट को उनकी मौत का कारण बताया गया है। घटना की खबर मिलते ही चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

SMS मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर थे डॉ. यादव

डॉ. बी.एल. यादव एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। अपने लंबे और समर्पित चिकित्सा करियर में उन्होंने हजारों जटिल सर्जरी कीं और सैकड़ों छात्रों को प्रशिक्षण दिया। पिछले साल ही उन्हें SMS हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया था। वे एक कुशल सर्जन होने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी पहचान एक अनुशासित, सुलझे हुए और मरीजों के प्रति संवेदनशील डॉक्टर के रूप में थी।

तीन दिन पहले की थी जटिल सर्जरी

डॉ. यादव की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निधन से महज तीन दिन पहले ही उन्होंने अपनी टीम के साथ SMS हॉस्पिटल में एक बेहद जटिल सर्जरी की थी। इस ऑपरेशन में एक महिला के पेट से करीब 10 किलो वजन की गांठ निकाली गई थी। यह सर्जरी मेडिकल दृष्टि से चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन डॉ. यादव के नेतृत्व में टीम ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सर्जरी के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ हो गई थी और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

ASI राजस्थान चैप्टर के निर्विरोध अध्यक्ष थे

डॉ. बी.एल. यादव केवल अस्पताल तक सीमित नहीं थे, बल्कि चिकित्सा संगठनों में भी उनकी अहम भूमिका रही। करीब छह महीने पहले एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया (ASI) के राजस्थान चैप्टर के चुनाव में उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया था। उनके सामने किसी भी अन्य सर्जन ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जो उनके सम्मान और विश्वास को दर्शाता है। इससे पहले वे ASI के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के रूप में भी तीन साल तक सेवाएं दे चुके थे। संगठन के साथियों के बीच उनकी छवि एक मार्गदर्शक और नेतृत्वकर्ता की थी।

अस्पताल और परिजनों में शोक

डॉ. यादव के निधन की सूचना मिलते ही SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी सहित कई सीनियर डॉक्टर उनके जयपुर स्थित निजी निवास पहुंचे। सहकर्मियों, छात्रों और मरीजों में गहरा शोक है। हाल के दिनों में लगातार अचानक हो रही मौतों के बीच यह घटना और भी झकझोरने वाली है—इस बार एक ऐसे डॉक्टर की मौत हुई है, जो खुद दूसरों की जान बचाने में दिन-रात लगा रहता था। चिकित्सा जगत ने एक अनुभवी सर्जन, कुशल शिक्षक और संवेदनशील इंसान को खो दिया है।

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