दिल्ली बॉर्डर पर जाम का आलम, प्रदूषण रोकने के उपायों पर उठे सवाल

The CSR Journal Magazine
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू की गई नई पाबंदियों के पहले ही दिन रविवार को शहर की सीमाओं पर भारी यातायात जाम देखने को मिला। इस दौरान वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई, जो इस मौसम का सबसे खराब स्तर है। पिछले 198 दिनों में यह स्थिति सबसे चिंताजनक है। दिल्ली से लगी सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, खासकर दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-नोएडा सीमा पर।

जाम की गंभीरता, वायु गुणवत्ता का हाल

यातायात पुलिस और प्रवर्तन दलों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच के चलते जाम की स्थिति और भी बिगड़ गई। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के टोल बूथ और एनसीआर के अन्य प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। निर्धारित उत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले वाहनों को रोकने के कारण जाम बढ़ता गया। दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 261 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के 57 निगरानी केंद्रों में से 22 में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही, जबकि 21 केंद्रों में यह ‘खराब’ और शेष 14 केंद्रों में ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। इस स्थिति ने लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, प्रवर्तन कर्मियों की तैनाती

वायु गुणवत्ता में गिरावट के बीच सर्दियों के मौसम में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष उपाय लागू किए गए हैं। इनमें बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियों पर रोक, पार्किंग शुल्क दोगुना करना और सरकारी तथा निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित करना शामिल है। दिल्ली परिवहन विभाग ने पाबंदियों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख प्रवेश बिंदुओं, टोल प्लाजा और प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर करीब 250 प्रवर्तन कर्मियों को तैनात किया है। डीएनडी, राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर रजोकरी, गाजीपुर, सिंघु बॉर्डर, टिकरी और बदरपुर सहित 13 प्रमुख टोल प्लाजा पर कुल 39 दल तैनात किए गए हैं।

यात्रियों की नाराजगी

यातायात जाम को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यात्रियों ने सीमाओं पर लगी वाहनों की लंबी कतारों पर नाराजगी जताई और सवाल उठाया कि क्या इन पाबंदियों से वायु गुणवत्ता में वास्तव में सुधार होगा। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “अगर आप अगले कुछ दिनों में दिल्ली जा रहे हैं, तो आपको इस तरह के यातायात जाम का सामना करना पड़ेगा।” ऐसे में यात्रा की योजना बनाना जरूरी है।

प्रदूषण कम करने के उपायों की प्रभावशीलता

एक अन्य यात्री ने लिखा, “दिल्ली की सीमा पर तीन घंटे से फंसा हूं। हमारे यहां आने का क्या फायदा? जिस कार्यक्रम में मुझे शामिल होना था, वह आधा बीत चुका।” यात्रियों का कहना है कि प्रदूषण कम करने के मकसद से लगाई गई पाबंदियों का असर शायद ही देखने को मिले। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण अब यातायात जाम एक गंभीर समस्या बन चुकी है। लोगों का मानना है कि इन पाबंदियों से न केवल यात्रा में कठिनाई हो रही है, बल्कि वायु गुणवत्ता में सुधार भी नहीं हो रहा। ऐसे में दिल्ली की सीमाओं पर जाम की स्थिति और भी चिंताजनक बन गई है।

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