दिल्ली में बाइकर डेथ केस में एक नया मोड़ आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज को रविवार शाम दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह मामला उस समय विवादित हो गया जब भारद्वाज कुछ अन्य पार्टी नेताओं के साथ जनकपुरी में मृतक कमल ध्यानी की याद में कैंडल मार्च निकालने पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, कमल की 5 फरवरी को एक गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई थी।
कैंडल मार्च में रुकावट और हिरासत का मामला
भारद्वाज और उनके समर्थक मोमबत्तियां जलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। घटना के दौरान भारद्वाज ने दावा किया कि पुलिस ने उनके हाथों से मोमबत्तियां छीन लीं और पीड़ित का पोस्टर भी फाड़ दिया। यह घटना उस समय हुई जब वह मृतक की याद में श्रद्धांजलि देने आए थे। इस बीच, पुलिस ने कहा कि उनका कैंडल मार्च अनुमति के बिना था, जिस कारण से उन्होंने उन्हें हिरासत में लिया।
कमल ध्यानी का दुखद अंत
कमल ध्यानी, जो मात्र 25 वर्ष के थे, की मौत उस रात हुई जब वह दिल्ली जल बोर्ड के द्वारा खोदे गए 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गए थे। परिवार ने रात भर उनकी तलाश की, लेकिन 6 फरवरी को सुबह पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद उनका शव गड्ढे से बरामद किया गया। कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रात भर कमल की सूचना पुलिस ने क्यों नहीं साझा की।
पुलिस हिरासत के नए विवरण सामने आए
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया है। यह व्यक्ति उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया है और उसकी पहचान योगेश (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, योगेश घटनास्थल पर मौजूद था और उसने उप-ठेकेदार को दुर्घटना की सूचना दी थी, लेकिन फिर वहाँ से भाग गया। पुलिस ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो औपचारिक गिरफ्तारी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भारद्वाज की लाइव प्रतिक्रिया
सौरभ भारद्वाज ने पुलिस वैन में ले जाते समय सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि घटना के समय कमल के दोस्तों ने पुलिस से उनकी लोकेशन पूछी थी, लेकिन पुलिस ने शुरू में सू信息 साझा करने के बाद उसे वापस हटा लिया। इससे बचाव में देरी हुई, जिसके परिणामस्वरूप कमल की दुखद मौत हुई।
परिवार का गहरा दुख
कमल ध्यानी का परिवार अब गहरे सदमे में है। जानकार सूत्रों के अनुसार, कमल के परिजनों को इस बात की चिंता है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में फिर न हों। उन्होंने पुलिस की लापरवाही और गड्ढे की सुरक्षा न होने के मुद्दे को उठाया है।
घटनास्थल पर अब भी चिंता का विषय
जनकपुरी में खोदे गए गड्ढे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि दिल्ली जल बोर्ड को सुरक्षा उपायों में सुधार करना चाहिए ताकि इनसे किसी और की जान न जाए। यह मामला अब राजनीति का मोड़ ले चुका है और सभी की नजरें इस पर हैं।