Investment in Maharashtra: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में महाराष्ट्र सरकार का दौरा पूरी तरह सफल रहा है। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बताया कि दावोस में कुल 37 लाख करोड़ रुपये के सामंजस्य करार (MoU) हुए हैं, जिनसे राज्य में करीब 43 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. सामंत ने कहा कि दावोस में कुल 81 समझौते हुए हैं। इनमें से 51 MoU उद्योग क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनकी कुल निवेश राशि 16.69 लाख करोड़ रुपये है। वहीं MMRDA के तहत 24 करार हुए हैं, जिनकी कीमत 19.43 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा CIDCO के तहत 6 MoU किए गए हैं, जिनका निवेश मूल्य 1.15 लाख करोड़ रुपये बताया गया।
Maharashtra in Davos: रायगड-पेण ग्रोथ सेंटर पर फोकस
उन्होंने कहा कि कुल निवेश का करीब 80 फीसदी हिस्सा विदेशी निवेश (FDI) के रूप में महाराष्ट्र में आएगा। पिछले साल दावोस में हुए 15 लाख करोड़ रुपये के MoU अब जमीन पर उतर रहे हैं और गडचिरोली, छत्रपति संभाजीनगर, रत्नागिरी और रायगढ़ जैसे जिलों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री ने बताया कि ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, डिफेंस और फार्मा जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव आए हैं। तीसरी मुंबई के तहत रायगढ़-पेण ग्रोथ सेंटर में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रयास चल रहे हैं। इसके अलावा MMR क्षेत्र में 23 लाख करोड़, कोकण में 3.10 लाख करोड़ और नागपुर, नाशिक, पुणे जैसे शहरों में भी हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव हैं।
FDI में महाराष्ट्र नंबर वन
डॉ. सामंत ने कहा कि केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल महाराष्ट्र में 1.64 लाख करोड़ रुपये की विदेशी निवेश दर्ज हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने साफ किया कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना महाराष्ट्र से बाहर नहीं गई है और यह रायगढ़ में ही बन रही है। साथ ही दावोस दौरे पर हुए खर्च का पूरा ब्यौरा जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
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