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February 3, 2026

Culture

The CSR Journal Magazine

Tirupati Balaji: आखिर क्यों भगवान विष्णु आज भी चुका रहे हैं कुबेर का कर्ज? जानिए इसके पीछे का रहस्य

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमला की पहाड़ियों पर विराजमान श्री वेंकटेश्वर स्वामी, जिन्हें श्रद्धालु प्यार से तिरुपति बालाजी कहते हैं, न...

गोपाष्टमी 2025: इस बार का दुर्लभ योग बना है खास, पर इन गलतियों से बचें वरना अधूरा रह जाएगा फल

30 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाई जाने वाली गोपाष्टमी इस बार सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास मानी जा रही...

इंडोनेशिया सुलावेसी की तोराजन जनजाति- जहां मृत्यु एक उत्सव है! मृतक भी लौटते हैं घर!

सुलावेसी (इंडोनेशिया)- आधुनिकता और विज्ञान के युग में भी इंडोनेशिया के सुदूर पहाड़ी इलाके में बसी एक ऐसी जनजाति ऐसी है, जो मृत्यु को...

देवार्क सूर्य मंदिर: जहां सूर्य के टुकड़ों से प्रकट हुई थीं छठी मैया, आज भी गूंजती है अदिति की तपस्या

बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित देवार्क सूर्य मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और इतिहास का संगम है। कहा जाता है...

मिनी अयोध्या बनेगा शुकतीर्थ: मुजफ्फरनगर में पहली बार ‘मोक्ष कुंभ’ और ‘भागवत महोत्सव’ की धूम

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित शुकतीर्थ में पहली बार अयोध्या की तर्ज पर ‘श्रीमद्भागवत महोत्सव और मोक्ष कुंभ’ आयोजित किया जाएगा। यह...

क्यों कहा जाता है छठ व्रत सबसे कठिन, आखिर किसके लिए रखा जाता है ये ? आइए जानते हैं

28 अक्टूबर 2025, मंगलवार  आज छठ महापर्व का चौथा और अंतिम दिन है। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर यह चार दिवसीय...

Chhath Puja 2025: छठ पूजा में खरना आज, भूलकर भी न करें ये गलतियां, जान लें पूजा विधि

भारत में छठ पूजा को आस्था का महापर्व कहा जाता है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है। उत्तर...

जब भगवान शिव ने धर्म तोड़ा, लेकिन दुनिया को बचाया: ये 5 कहानियां बदल देंगी आपका नजरिया

भगवान शिव, जिन्हें “संहारक” और “सृष्टिकर्ता” दोनों माना जाता है, धर्म की मर्यादाओं को तोड़कर कई बार संसार की रक्षा कर चुके हैं। पुराणों...

शीतकाल के लिए बंद हुए उत्तराखंड तीन धाम के कपाट, वैदिक मत्रोच्चार से गूंजा केदार धाम 

Uttarakhand News:केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त से ही यहां पर वैदिक अनुष्ठान शुरू...

कामाख्या मंदिर का झरना 3 दिन तक क्यों हो जाता है लाल? जानें इसके पीछे का रहस्य

असम के गुवाहाटी शहर में नीलाचल पहाड़ी की चोटी पर स्थित कामाख्या देवी मंदिर न केवल भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है,...

Bhai Dooj: A Bond Beyond Gifts and Rituals

Every festival in India tells a story. Some speak of victory, others of harvest or devotion. But Bhai Dooj—celebrated just two days after Diwali—is...

Bhai Dooj 2025: भाई दूज पर छाएगी राहु काल की छाया, इस समय भूलकर भी न करें ये काम

दीपावली का पांच दिवसीय महापर्व हर साल उल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाता है, और इसका समापन भाई दूज के पावन पर्व के...

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