बीजेपी नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हिंदुओं की सुरक्षा में नाकाम रहने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने रविवार को कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों ने स्थिति को और खराब कर दिया है। दिल्ली और सभी प्रमुख शहरों की तरह, कोलकाता में भी सामाजिक असुरक्षा का माहौल नजर आता है। उनके अनुसार, पुलिस की मौजूदगी भी अब उन लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है जो अपनी आवाज उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार
घोष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि ये घटनाएं समाज में एक भय का माहौल पैदा कर रही हैं। जब बीजेपी अपने कार्यक्रमों का आयोजन करती है, तब पुलिस द्वारा उनके झंडों को उतारने का घिनौना उदाहरण सामने आता है। यह दर्शाता है कि बाहरी ताकतें बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही हैं, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
पलायन की मजबूरी
घोष ने एक और दर्द भरी सच्चाई साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि हिंदू समुदाय को अपने सुरक्षित भविष्य के लिए मुर्शिदाबाद से मालदा पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस संकट के पीछे पुलिस और स्थानीय गुंडों की मिलीभगत को दोषी ठहराते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत चिंताजनक स्थिति है। उनकी अपील है कि हिंदू समुदाय को एकजुट होकर अपनी सुरक्षा के लिए एक ऐसा नेता चुनना होगा जो उनके हितों की रक्षा कर सके।
राजनीतिक सरगर्मियों का माहौल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तेजी आ रही है क्योंकि यहां इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बीजेपी से कड़ी चुनौती मिल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी ने अभी तक विपक्ष के INDIA ब्लॉक के सहयोगियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत शुरू नहीं की है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पूरे देश और दुनिया में हिंदुओं को एकजुट होने का आह्वान किया है, यह कहते हुए कि अब लड़ाई जीने और मरने की है।
हिंदू एकता की ज़रूरत
केंद्रीय मंत्री का मानना है कि हिंदुओं के पास अधिक विकल्प नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हर हिंदू परिवार से एक गोपाल पाठा का निकलना बेहद जरूरी है। सत्ताधारी पार्टी की बढ़ती गतिविधियों ने हिंदू समुदाय को एकजुटता की ओर और भी अग्रसर कर दिया है। दिलीप घोष का यह संदेश एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि हिंदुस्तान में हिंदुओं की एकजुटता की आवश्यकता है।